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महिला के साथ शारीरिक शोषण और अत्याचार करने वाले पुलिस कर्मचारी रूपेन्द्र पाल पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही ?

महिला के साथ शारीरिक शोषण और अत्याचार करने वाले पुलिस कर्मचारी रूपेन्द्र पाल पर क्यों नहीं हो रही कार्यवाही ?

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यप्रणाली के विपरीत चल रही पुलिस विभाग की कार्यवाही  

आरक्षक रूपेन्द्र पाल के हौंसले बुलंद, महिला को प्रताड़ित करने वाले को मुख्य सहयोगी शेखर बघेल को भी बचा रही पुलिस 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की सर्वाधिक प्राथमिकता में महिला सशक्तिकरण के लिये अनेकों योजनाएं संचालित करना है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के पुलिस विभाग को सख्त निर्देश है कि महिलाओं के प्रताड़ना और महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय, अत्याचार के मामले में पुलिस संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही करें।
            इसके बाद सिवनी जिला में पुलिस प्रशासन कार्यवाही करने में अपनी जिम्मेदारी निभाने में रूची नहीं दिखा रही है क्योंकि मामला पुलिस विभाग के कर्मचारी के द्वारा महिला को प्रताड़ित करने के साथ साथ महिला का शारीरिक शोषण करने की शिकायत पर कार्यवाही का है।
            पुलिस प्रशासन अपने विभाग के सम्मान को बरकरार रखने के लिये महिला के आत्मसम्मान को दर दर की ठोकरे खाने के लिये मजबूर कर रही है। प्रताड़ित महिला की वास्तविकता और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्राथमिकता बता रही है कि मुख्यमंत्री के आदेश को कितनी गंभीरता से सिवनी पुलिस प्रशासन ले रहा है। 

महिलाओं के मामले में प्राथमिकता से पुलिस कार्यवाही करें यह दिये थे निर्देश 

बीते दिनों सिवनी मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अफसर ने पुलिस महकमा की मीटिंग लिया था जिसमें यह कहा था कि महिलाओं के मामले में प्राथमिकता से पुलिस कार्यवाही करें उसी दिन भाजपा की पत्रकारवार्ता में पीड़ित महिला ने अपने साथ होने वाले अन्यााय, अत्याचार, शोषण से संंबंधित शिकायत को भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे को देते हुये बताया था।
            इस दौरान मीडिया के समक्ष पीड़ित महिला ने यह भी बताया था कि किस तरह अत्याचार करने वाले पुलिस कर्मचारी बदनामी भी कर रहे है और पुलिस विभाग के कुछ कर्मचारियों के द्वारा किस तरह से गंदे गंदे शब्दों से अपमानित किया जा रहा है।
                हालांकि इस संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आलोक दुबे ने त्वरित संज्ञान लेते हुये पुलिस अधीक्षक से चर्चा किया था। इसके बाद पीड़ित महिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर काटने के बाद फिर महिला पुलिस थाना के चक्कर लगाने को मजबूर हुई। इस मामले में पुलिस आरक्षक रूपेन्द्र पाल पर कार्यवाही न करते हुये उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रही है। 

रूपेन्द्र पाल और शेखर बघेल ने पीड़ित महिला को बदनाम भी किया 

आरक्षक रूपेंद्र पाल ने लगभग 4 वर्षों तक शादी का प्रलोभन देते हुए पीड़ित महिला के मना करने पर भी उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। वहीं जब भी महिला आरक्षक रूपेन्द्र पाल से शादी करने की बात करती तो वह महिला को हीला हवाला देकर टाल दिया करता था। आरक्षक रूपेन्द्र पाल धमकी देता था कि हम दोनों के साथ की फोटो दिखाकर तुझे बदनाम कर दूंगा।
                आरक्षक रूपेन्द्र पाल ने जिस बैंक में महिला काम करती थी वहां से इस्तीफा दिलवा कर नौकरी भी छुड़वा दिया। पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत वापस ली तो रूपेन्द्र पाल और शेखर बघेल ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया और जगह-जगह यह आरोप लगाते हुए कहने लगे कि पीड़ित महिला ने पैसा ले लिया है यह कहते हुये बदनाम करने लगे। पीड़ित महिला ने आर्थिक, मानसिक और दैहिक शोषण करने वाले रूपेंद्र पाल और उसका सहयोग करने वाले शेखर बघेल के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए इन लोगों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। 

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