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नजीम खान डिप्टी रेंजर ने मजदूरी के नाम पर किया लाखों का घोटाला

नजीम खान डिप्टी रेंजर ने मजदूरी के नाम पर किया लाखों का घोटाला 

वन परिक्षेत्र छपारा में मजदूरी के नाम पर हो रहा फर्जीवाड़ा 


सिवनी। गोंडवाना समय।
 

वन परिक्षेत्र छपारा अंतर्गत चमारी, सिरकापार, सालीवाड़ा बीट में पौधारोपण सहित अन्य कार्यों में मजदूरी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा किया जाकर छपारा रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन रक्षक सहित विभाग के चौकीदारों की मिलीभगत आर्थिक गड़बड़ी करते हुये अपनी जेबे गर्म किया गया है।
                 


इस संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगे जाने पर वन विभाग के उच्चाधिकारियों व छपारा वन परिक्षेत्र के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हीलाहवाली करने का कार्य किया है। जिससे स्पष्ट है कि वन परिक्षेत्र छपारा में मजदूरी के नाम पर बड़ा घोटाला किया गया है यदि कहीं आर्थिक अनियमितता नहीं की गई है तो फिर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने में वन विभाग के उच्चाधिकारी व छपारा वन परिक्षेत्र के अधिकारी व कर्मचारी हीलाहवाली क्यों कर रहे है। 

बिना कार्य किये ही मजदूरों को आर्थिक भुगतान कर दिया गया 

हम आपको बता दे कि वन मंडल उत्तर सामान्य के वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय छपारा के अंतर्गत चमारी, सिरकापार, सालीवाड़ा बीट में पौधारोपण व वन विभाग के अन्य कार्यों में मजदूरी भुगतान के नाम पर आर्थिक अनियमित्तायें की गई है।
                    जिसमें डिप्टी रेंजर नजीम खान की प्रमुख भूमिका बताई जा रही है। चमारी, सिरकापार, सालीवाड़ा बीट में मजदूरी का भुगतान उन्हें भी कर दिया गया है जिन्होंने कोई कार्य नहीं किया है या ऐसे लोगों के नाम पर भी मजूदरी का भुगतान कर दिया गया है जिन्होंने आज तक कभी मजूदरी किया ही नहीं है।
            इस संबंध में जब जागरूक नागरिक के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो वन परिक्षेत्र छपारा व वन मंडल उत्तर सामान्य कार्यालय द्वारा भी जानकारी देने में हीलाहवाली की जा रही है। वहीं मजदूरी करने वालों का नाम सामने आने पर वे भी आश्चर्यचकित है कि आखिर बिना कार्य करें ही कैसे मजदूरी करने के लिये नाम चढ़ाकर आर्थिक भुगतान कर लिया गया है। 

वन परिक्षेत्र छपारा में बड़ा घोटाला उजागर हो सकता है 

बताया जाता है कि इस मामले में क्षेत्र के डिप्टी रेंजर नजीम खान का पूरा षड़यंत्र है। नजीम खान के द्वारा वन विभाग के अधिकारियों व वन परिक्षेत्र छपारा के रेंजर व बीट क्षेत्र के कुछ कर्मचारियों को आर्थिक लाभ में हिस्सेदारी देकर मामले को रफा दफा कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
            छपारा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत यदि वन विभाग के तहत कराये कार्यों की मजदूरी के संबंध में किये गये आर्थिक भुगतानों का यदि भौतिक सत्यापन करा लिया जाये तो बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आ सकता है। 

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