Type Here to Get Search Results !

अनिल नरबरे विपरण अधिकारी की मनमानी से त्रस्त कर्मचारी, भ्रष्टाचार करने के लिये कर रहा मजबूर

अनिल नरबरे विपरण अधिकारी की मनमानी से त्रस्त कर्मचारी, भ्रष्टाचार करने के लिये कर रहा मजबूर 

ऊपर तक पैसे पहुंचाना पड़ता है कहकर अनिल नरबरे करता है वसूली 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

मध्यप्रदेश में नवागत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुशासन दिखना चाहिये सिर्फ शब्दों में न रहे कि बात जोर-शोर से कर रहे है। मध्यप्रदेश सरकार के अंतर्गत किसानों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग जिला विपरण संघ मर्यादित कार्यालय सिवनी में जिला विपरण अधिकारी अनिल नरवरे की मनमानी से विभाग के कर्मचारी ही जब त्रस्त है तो सिवनी जिले के किसान कितने त्रस्त होंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
                


किसानों को उपज के लिये खाद उपलब्ध कराने वाला विभाग में जब जिला विपरण अधिकारी अनिल नरबरे अपने मातहत कर्मचारियों से रूपये पैसे की मांग करता है तो किसानों को कितना लूटता होगा यह भाजपा की सरकार व भाजपा के जनप्रतिनिधियों व संगठन के पदाधिकारियों को सोचना चाहिये। 

उच्च स्तरीय सांठगांठ के कारण अनिल नरबरे पर नहीं होती कार्यवाही 


जिला विपणन अधिकारी सिवनी श्री अनिल कुमार नरवरे द्वारा अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को मानसिक रूप से अत्याधिक प्रताड़ित किया जा रहा है। यहां तक रूपया पैसा की मांग किया जाता है इसका मतलब साफ है कि जिला विपणन अधिकारी अनिल कुमार नरवरे अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को भ्रष्टाचार करने के लिये मजबूर कर रहा है।
            अनिल नरबरे कर्मचारियों पर इतना अधिक अत्याचार करता है। हालांकि इस संबंध में प्रताड़ित कर्मचारियों के द्वारा सचिव म०प्र० राज्य सहकारी विपरण संघ मर्यादित मुख्यालय भोपाल सहित विभागीय उच्चाधिकारियों को भी शिकायत की गई है लेकिन उच्च स्तरीय सांठगांठ के कारण जिला विपरण अधिकारी अनिल कुमार नरवरे पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। 

सीआर बिगाड़ दूंगा, नौकरी खा जांऊगा, आपका ट्रांसफर करवा दूंगा की देता है धमकी 

सिवनी जिला में विपरण संघ मर्यादित में पदस्थ जिला विपरण संघ मर्यादित अधिकारी श्री अनिल कुमार नस्वरे कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों पर पैसे के लिये लगातार दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों से कहता है कि आप जो भी काम करो मुझे प्रति माह पैसा चाहिये क्योंकि मुझे ऊपर देना पड़ता है और अगर कोई कर्मचारी आकस्मिक अवकाश का आवेदन देता है तो आवेदन लेने के बाद आवेदन को अलग कर देता है और पैसे की मांग करता है। कर्मचारी पैसा नहीं देते तो उन्हें नोटिस देकर धमकाता है कि मैं आपकी सीआर बिगाड़ दूंगा, नौकरी खा जांऊगा, आपका ट्रांसफर करवा दूंगा। 

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.