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वैभव पवार भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पर लग रहे जमीन से जुड़े आरोप का सच आया सामने

वैभव पवार भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पर लग रहे जमीन से जुड़े आरोप का सच आया सामने

नहीं मिला है वैभव पवार को पट्टा, नहीं बनाया किसी पर दबाव, 

वैभव पवार ही नहीं कोई भी आम नागरिक ले सकता है पट्टा


सिवनी। गोंडवाना समय। 

वैभव पवार को लेकर लंबे समय से चल रहे जमीन पट्टा, दबाव व कब्जा  से संबंधित खबरों पर अब विराम लगता नजर आ रहा है। दरअसल मामला बरघाट तहसील के सेलूआ ग्राम में स्थित शासकीय जमीन से जुड़ा है जिस जमीन को लेकर वैभव पवार पर यह आरोप लग रहे थे कि उन्होंने शासकीय अधिकारी व कर्मचारी पर दबाव बनाते हुए लगभग 8 एकड़ जमीन का पट्टा हासिल कर लिया है और उस जमीन पर कब्जा कर लिया है और इस मामले को लेकर आए दिन कोई ना कोई चर्चा होती रहती थी।
                    


वहीं जब इस मामले में पड़ताल की गई तो प्राप्त दस्तावेज और प्रशासनिक अधिकारियों से जानकारी लेने के बाद यह बात स्पष्ट हो गई कि ना ही वैभव पवार को सेलुआ में कोई भूमि पट्टा आवंटित हुआ है और ना ही भूमि पट्टा आवंटन के लिए प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी को वैभव पवार ने दबाव बनाया है।
                    संबंधित अधिकारियों का कहना है कि नजूल भूमि निर्वर्तन नियम के अनुसार राजपत्र में अंकित प्रयोजनों के लिए मध्य प्रदेश का कोई भी आम नागरिक नियम अनुसार शुल्क पटाकर आवेदन करते हुए भूमि पट्टे आवंटन की मांग कर सकता है।

नजूल भूमि निर्वर्तन नियम के अनुसार इन प्रयोजन के लिए दी जा सकती है भूमि 

24 सितंबर 2020 को राजपत्र में प्रकाशित मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन नियम  के अनुसार नजूल भूमि से तात्पर्य (भू-राजस्व संहिता की धारा 2 (1) (य-3) में यथापरिभाषित समस्त दखलरहित भूमि तथा राज्य शासन के द्वारा गैर-कृषि प्रयोजन के लिए पट्टे पर दी गई भूमि से है (निस्तार अधिकारों को छोड़कर), नजूल भूमि के निर्वर्तन निर्देश 2023 के अनुसार स्थायी पट्टे पर निर्वर्तन के बहुत से नियम है।
                जैसे- राज्य शासन के किसी विभाग को हस्तांतरण किया जा सकता है, स्थायी पट्टे पर दिया जाना संभावित है, पंचायती राज संस्थाओं के कार्यालय भवन के लिए दिया जा सकता हँ। पूर्त संस्थाओं को को दिया जा सकता है, मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल को कार्यालय भवन निर्माण के लिए भूमि का स्थायी पट्टा आंवटन किया जा सकता है, चहुमुखी विकास के लिए निजी पूँजी निवेश के मामलों में भूमि आवंटन किया जा सकता है।
            नगरीय निकाय को भूमिस्वामी हक में नजूल भूमि का आंवटन किया जा सकता है। स्थानीय निकाय को ध्वजदंड अथवा प्रतिमा की स्थापना के लिए भूमि का आवंटन किया जा सकता है। नजूल भूमि लाइसेंस पर दी जा सकती है, भूमिस्वामी हक में कृषि प्रयोजन के लिए भी भूमि का आवंटन किया जा सकता है।

नियमानुसार किया था वैभव पवार ने आवेदन 

बरघाट तहसील के ग्राम सेलुवा कला प०ह०नं० 1 तहसील बरघाट स्थित भूमि खसरा नं0 166 एवं 170 को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष  वैभव पंवार द्वारा मध्यप्रदेश नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के अध्याय 3 भाग च नियमानुसार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए औद्योगिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक आदि विभिन्न क्षेत्रों में निजी पूंजी निवेश को आकर्षित कर प्रदेश में अधोसंरचना विकास के साथ-साथ रोजगार के वृहद अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निवेशकों को शासकीय भूमि उपलब्ध कराई जाना वांछनीय होने से भूमि आवंटन हेतु आवेदन कलेक्टर जिला सिवनी को आनलाइन माध्यम से प्रस्तुत किया गया था।
                जिसमें वैभव पंवार द्वारा शासन के नियमानुसार 10,000/- रुपए की राशि पटाई गई थी एवं प्रकरण लगाने हेतु शुल्क 100/- रुपए  की राशि चालन के माध्यम से जमा कर आवेदन नियमानुसार दस्तावेज के साथ कलेक्टर कार्यालय में जमा किया गया था।
                वैभव पंवार के द्वारा उक्त ग्राम में स्थित भूमि को राईस मिल प्लाट स्थापित करने हेतु शासन से स्थायी पट्टे पर आंवटन हेतु चाही गई थी। यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि की मांग मध्यप्रदेश शासन के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम विभाग की विभागीय नीतियों / निदेर्शों के अंतर्गत निजी निवेशकों को भूमि का निर्वर्तन किया जाता है। उक्त आवेदन के संबंध में प्रकिया अंतर्गत वैभव पंवार ने अपने निवेश से संबंधित प्रोजेक्ट रिपोर्ट, विभागीय नीति की कंडिका सहित आवेदन प्रस्तुत किया था। 

क्या है आवेदन के उपरांत की प्रक्रिया 

आवेदन देने के उपरांत आवेदन की जांच हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बरघाट से होते हुए तहसीलदार बरघाट से पटवारी स्तर भेजा गया। संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के द्वारा उक्त ग्राम में स्थित भूमि की वस्तुस्थिति के बारे में अपने प्रतिवेदन में जानकारी देते हुए कलेक्टर को जानकारी भेजी जाती है।
            यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि उक्त भूमि का आवंटन जिला नजूल निर्वर्तन समिति की अनुशंसा से होता है, जिसमें 7 सदस्यीय समिति भूमि आवंटन की स्वीकृति देने के लिए सक्षम प्राधिकारी होती है। कलेक्टर के द्वारा प्रतिवेदन की सूक्ष्मता से जांच कर प्रतिवेदन तैयार कर राज्य शासन को प्रेषित किया जाता है, उक्त भूमि किसी भी निवेशक को मुफ्त (बिना शुल्क) में नहीं दी जाती है। शासन द्वारा निर्धारित शुल्क जमा करने के उपरांत ही भूमि का आवंटन किया जाता है।

वैभव को अभी आवंटित नही हुई है भूमि 

वैभव पंवार के आवेदन अनुसार ग्राम सेलुवा स्थित भूमि आवंटन की कुल राशि लगभग 14,00,000 /- रुपए (चौदह लाख रुपए) शासन के खाते में प्रब्याजी के रूप में जमा होती एवं प्रतिवर्ष लगभग 80000/- रुपए (अस्सी हजार रुपए) भू-भाटक शुल्क के रूप में जमा करनी होती है।
        यह भी उल्लेखनीय है कि वैभव पंवार को उक्त भूमि का आवंटन नहीं किया गया है एवं जो खबरे फैलायी जा रही है वो भ्रामक है और वर्तमान में निजी निवेशक को भूमि आवंटन की प्रकिया के अंतर्गत यह मामला विचाराधीन है।

वैभव पवार ही नहीं कोई भी व्यक्ति नियमानुसार भूमि आवंटन की कर सकता है मांग 

नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 के संबंध में यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश का कोई भी व्यक्ति शासन के विभिन्न प्रयोजनों के लिए शासन से निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत भूमि की मांग कर सकता है। जैसे कृषि प्रयोजनों के लिए भी भूमि का आंवटन किया जाता है।
                भूमि आंवटन शासन द्वारा निर्धारित समयावधि के लिए स्थायी पट्टे पर दी जाती है। उक्त भूमि आवंटन की प्रकिया के अंतर्गत अधिक जानकारी के लिए नजूल भूमि निर्वर्तन निर्देश 2020 का अवलोकन से स्पष्ट हो जाता है कि वैभव पंवार ही नही मध्यप्रदेश एवं सिवनी जिला का प्रत्येक व्यक्ति विभिन्न प्रयोजनों के लिए भूमि स्थायी पट्टे पर प्राप्त कर सकता है।

क्या कहते है एस डी एम बरघाट 

कई महीनो से जमीन के पट्टे आवंटन को लेकर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार पर आरोप प्रत्यारोप लग रहे थे परंतु जब नियम कानून और दस्तावेज प्राप्त हुए तब यह स्पष्ट हुआ कि नियम अनुसार पट्टे की मांग निश्चित शुल्क पटाकर कोई भी आम नागरिक जमीन और पट्टे की मांग कर सकता है और मामले की संपूर्ण जानकारी लेने के लिए बरघाट के अनुविभागीय अधिकारी से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि यह मामला भले ही सुर्खियां बटोर रहा है, आरोप प्रत्यारोप लग रहे हैं परंतु इस मामले में सच्चाई यह है कि नजूल निवर्तन नियम के अंतर्गत मध्य प्रदेश या सिवनी का कोई भी व्यक्ति राजपत्र में अंकित निदेर्शों और प्रयोजनों के आधार पर जमीन आवंटन की मांग कर सकता है जिसमें निश्चित शुल्क और भाटक शुल्क पटाना होता है।
                वर्तमान में वैभव पवार के नाम पर ऐसा कोई भी पट्टा जारी नहीं किया गया है, उन्हें कोई जमीन आवंटित नहीं की गई है। उनके द्वारा विधिवत आवेदन किया गया था जिस आवेदन की जांच मैं कर रहा हूं। आगे एसडीएम अग्रवाल ने बताया कि कुछ महीनो पहले सेलूआ बम्होड़ी के ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शित किया था जब मैं स्वयं जाकर उन ग्रामीणों की बात सुनी और उनके विरोध को सुनने के बाद उनके आपत्ति पत्र विधिवत लेते हुए इस प्रकरण में लगाया हूं।
                नया निवर्तन नियम में बहुत सी तकनीकी बातें हैं जिसे पूरी तरह कमियों को पूरा करने के बाद अपना प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को भेजूंगा। वहीं निर्णय जिला कलेक्टर को लेना है पर वर्तमान में वैभव पवार के नाम से भूमि आवंटित नहीं की गई है, जब एसडीएम अग्रवाल से पूछा गया कि क्या किसी प्रकार का उन पर दबाव बनाया गया तो एसडीएम अग्रवाल का कहना था कि वैभव पवार ने कभी दबाव बनाने की कोशिश नहीं की और ना ही इस संबंध में कभी चर्चा की है।

मेरी राजनीतिक छबि धूमिल करने षड्यंत्र पूर्वक गलत जानकारी की जा रही प्रसारित-वैभव पवार 


युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार से जब इस मामले को लेकर चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि राजनीतिक विरोध और प्रतिद्वंदता  के चलते इस मामले को तोड़ मरोड़ कर जनता के सामने पेश किया जा रहा है। आगामी समय में चुनाव है जिसके चलते मेरी राजनीतिक छबि धूमिल करने षड्यंत्र पूर्वक या जानबूझकर सोशल मीडिया और अखबारों के सहारा लेकर गलत जानकारी प्रसारित की जा रही है।
        जबकि हकीकत यह है कि भूमि पट्टा आवंटन के लिये नियम अनुसार शुल्क पटाकर केवल आवेदन किया गया था। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि क्षेत्र में एक बड़ा प्रोजेक्ट लगाया जाए जिसमें स्थानीय सैकड़ो लोगो को स्थायी रोजगार मिल सके ताकि क्षेत्र का विकास हो सके। इस मामले में मैंने ना किसी पर दबाव बनाया और ना ही पट्टा आवंटित करवाया।
                अभी तक मुझे कोई पट्टा आवंटित नहीं हुआ है और मैं खुद इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने देना चाहता हूं क्योंकि जनता को भ्रमित कर विरोधी सच्चाई को छिपाते हुए मेरी राजनीतिक छबी धूमिल कर रहे हैं। मैं केवल जनता की सेवा करना चाहता हु और कुछ नहीं, जिस नियम के तहत मैंने आवेदन किया था उस नियम के अंतर्गत मध्य प्रदेश और सिवनी जिले का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है, निश्चित शुल्क पटाकर राजपत्र में अंकित प्रयोजनों के लिए जमीन आवंटित करवा सकता है। इसमें किसी दबाव की आवश्यकता नहीं होती। यह प्रक्रिया सभी के लिए समान रूप से की जाती है और नियमानुसार भूमि आवंटित की जाती है।

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