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आदिवासी महिला के साथ धोखाधड़ी करने वाले रंजीत राय एवं रवि झारिया की शिकायत पर घंसौर पुलिस नहीं कर रही कार्यवाही

आदिवासी महिला के साथ धोखाधड़ी करने वाले रंजीत राय एवं रवि झारिया की शिकायत पर घंसौर पुलिस नहीं कर रही कार्यवाही 

घंसौर पुलिस थाना में किया है पीड़ित आदिवासी महिला ने शिकायत 

यूनियन बैंक प्रबंधन की सांठगांठ से कहानी में चल रहा फर्जीवाड़ा 


कहानी/घंसौर। गोंडवाना समय।

यूनियन बैंक कहानी दलालों का सुरक्षित अड्डा बन चुका है। यहां पर दलालों के द्वारा कमीशनखोरी करते हुये बैंकों के कार्य कराये जा रहे है इसमें यूनियन बैंक के प्रबंधन के कुछ अधिकारी कर्मचारी की भी सांठगांठ है।


आदिवासियों सहित किसानों के साथ लूटपाट खुलेआम किया जा रहा है। आदिवासी किसानों के साथ होने वाले शोषण व लूटपाट, धोखाधड़ी की शिकायतों पर घंसौर पुलिस भी कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। 

आदिवासी विधवा महिला के साथ की धोखाधड़ी


सिवनी जिले के विकासखंड घंसौर उप तहसील कहानी के यूनियन बैंक कहानी का मामला सामने आया है। जहां पर पीड़ित आदिवासी नरबदी बाई सिरसाम पति स्व.केशव सिरसाम उम्र करीब 46 वर्ष जाति गोंड निवासी ग्राम मूंडापार थाना व तहसील धनौरा की एक विधवा अशिक्षित महिला (कृषक) हैं।
            जो कि वर्ष 2021 में किसान केडिट कार्ड बनवायी थी, जिसमें 1,95,000/- एक लाख पचानवे हजार रुपए उसे प्राप्त हुए थे, उक्त राशि यूनियन बैंक आॅफ इंडिया शाखा कहानी में बचत खाता कमांक 419102010022471 में दिनांक 24 दिसंबर 2021 को जमा हुई थी। 

रंजीत राय और रवि झारिया ने 10 प्रतिशत कमीशन पर कराया था काम 


जिसकी बैंक पास बुक में एन्ट्री भी की गई है। इसके बाद किसान केडिट कार्ड बनावाने मे सहयोग करने वाले रंजीत राय पिता हुकमचंद राय उम्र करीब 50 वर्ष जाति कलार निवासी ग्राम कहानी पोस्ट कहानी थाना व तहसील घंसौर जिला सिवनी एवं रवि झारिया पिता हामसिंह झारिया उम्र करीब 52 वर्ष जाति मेहरा निवासी ग्राम पिण्डरई थाना व तहसील घंसौर जिला सिवनी दोनो के द्वारा 10 परसेंट की कमीशन मे काम किया गया और इनके द्वारा कहा गया कि पासबुक हमको दे दो। समय-समय मे बैंक में अपकी पासबुक लगेगी क्योंकि इसका बीमा बगैरह के लिये बैंक पासबुक की जरूरत पड़ती है, तो प्रार्थी द्वारा इन्हे बैंक पासबुक दे दी गई थी, ओर मजदूरी करने नागपुर चली गई थी। 

फसल बीमा की राशि आई है, उसे आप बुलाओं 

पीड़िता का बड़ा भाई सोनसिंह धुर्वे पिता अंतराम धुर्वे निवासी ग्राम मूंडापार को दिनांक 05 जनवरी 2024 को रवि झारिया ने फोन किया कि आपकी दीदी की फसल बीमा की राशि आई है, उसे आप बुलाओं उनकी बैंक में जरूरत है तो प्रार्थी के भाई सोनसिंह धुर्वे ने प्रार्थी को फोन किया और बुलवाया फिर प्रार्थी दिनांक 06 जनवरी 2024 को कहानी गई और वहां पर रंजीत राय और रवि झारिया दोनो मददगारों ने प्रार्थी को बैंक ले गए, बैंक में काफी लिखा-पढ़ी हुई और घर मूडापार भेज दिये। इसके बाद फिर दिनांक 08 जनवरी 2024 को दोनो मददगारों ने प्रार्थी को फिर आने को कहा और फिर बैंक ले गए, अन्य दस्तावेजों में हस्ताक्षर करवाये और दो पासबुक और एक हजार रुपए प्रार्थी को दिये, इनको लेकर मंै घर चली गई।

दलालों ने दो अलग खाता खुलवा दिया 

घर पहुँच कर दोनो पासबुकों को जब उसके बड़े भाई को बताया तो पता चला कि प्रार्थी के नाम पर 3.73,659.90/- तीन लाख तेहत्तर हजार छ: सौ उनसठ रुपए नब्बे पैसे का कर्ज बताया गया। जो कि प्रार्थी को इसकी कोई जानकारी नही थी तब प्रार्थी और उसके बडे भाई 12 जनवरी 2024 को यूनियन बैंक शाखा कहानी में जाकर बैंक खाते का स्टेटमेंट लिये एवं शाखा प्रबंधक से संपर्क किये, तब उन्होने बताया कि आपके दो लोन खाते हैं जबकि प्रार्थी द्वारा सिर्फ एक ही बचत खाता खुलवाया गया था, जिसकी पासबुक प्रार्थी के पास रखी हुई है।

आवेदन दिये एक माह बीत जाने के बाद भी घंसौर पुलिस ने नहीं की कोई कार्यवाही 

आदिवासी महिला ने आवेदन के माध्यम से थाना प्रभारी घंसौर से निवेदन किया था कि पीड़िता अशिक्षित और विधवा असहाय आदिवासी महिला को उचित न्याय दिलाया जाये। वहीं जिन्होने इस काम को अंजाम  दिया है वह बहुत बड़े दलाल हैं और आये दिन मेरे अलावा और भी कई लोगों के साथ ऐसी धोखाधड़ी  करते रहते हैं। इसके साथ ही यदि कहानी के यूनियन बैंक के सी०सी० टी०वी० कैमरे से भी जानकारी ले सकते हैं जिसमे ऐसे दलाल बैंक के सामने हमेशा ही नजर आते हैं और आये दिन ऐसी घटनाओं को और भी लोगों के साथ अंजाम देते रहते हैं। 

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