प्राकृतिक सरंक्षण एवं धरती के समस्त जीव जंतु मानव जीवन के लिए प्रकृति का सरक्षण जरूरी है
लखनादौन में विश्व आदिवासी दिवस पर हुये विविध आयोजन
लखनादौन। गोंडवाना समय।
सर्व आदिवासी विकास समिति लखनादौन द्वारा 9 अगस्त 2025 विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 151 वृक्षारोपण कर केंद्रीय विद्यालय लखनादौन में मनाया गया। पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय लखनादौन में वृक्षारोपण कर मनाया गया।
आदिवासी संस्कृति ही विश्व की संस्कृति की जननी है
विश्व आदिवासी दिवस व वृक्षारोपण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सत्यपाल सिंह प्राचार्य केंद्रीय विद्यालय लखनादौन ने अपने उदबोधन में कहा कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा रीति-रिवाज एवं उनके जल-जमीन-जंगल के अधिकार के लिए प्राचीन काल से संघर्ष रहा है और उन्होंने अपने उद्बोधन में यह भी बताया कि आदिवासी संस्कृति ही विश्व की संस्कृति की जननी है।
इसके साथ ही धरती आवा भगवान बिरसा मुंडा जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महज 15 साल की उम्र से बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के जल-जमीन-जंगल के सामाजिक अधिकारों के लिए तथा आदिवासियों व देश के लोगो को अधिकार दिलाने के लिए अपने आप को शहीद होंना पड़ा उनकी मृत्यु झारखंड के रांची जेल में हुई।
विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट देव सिंग कुमरे राष्ट्रीय विधि सलाहकार सर्व आदिवासी समाज भारत, आपने अपने उदबोधन में भारत देश और विस्व को प्राकृतिक सरंक्षण एवं धरती के समस्त जीव जंतु मानव जीवन के लिए प्रकृति का सरक्षण जरूरी है। इसलिये हम सब को मिलकर पौध रोपण कर एक एक पौधा लगाने की अपील की।
जल, जमीन, जंगल प्रकृति के बिना जीवन सम्भव नहीं
वहीं कार्यक्रम सरंक्षक कमलेश वाखला अध्यक्ष कर्मचारी अधिकारी संघ आपने अपने उदबोधन में कार्यक्रम में उपस्थित समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थीगण और समिति के सभी सदस्य और समाज के उपस्थित समस्त सगाजनो को भारत देश व विश्व पर्यावरण और विश्व आदिवासी दिवस पर जल, जमीन, जंगल के सरंक्षण व समस्त विद्यार्थियों को दिया संदेश की जल, जमीन, जंगल प्रकृति के बिना जीवन सम्भव नहीं। इसलिए हमें प्रकृति का सरक्षण करना चाहिए पेड़ लगाना और सवारना तथा एक एक पौधा बाटना चाहिए।
निरंतर वनों का दोहन हो रहा है
संयोजक एडवोकेट झनकू लाल कुमरे ने कहा कि भारत देश व विश्व के प्रत्येक नागरिकों व आदिवासी भारत के मुलमालिको से अपील है कि एक-एक पेड़ अवश्य लगाएं जिससे हमारे देश व विश्व का पर्यावरण व स्वच्छ वातावरण रहेगा। देश का पूरा मानव जीवन व जीव जंतु सुरक्षित व संरक्षित रहे।
देश की शासन से अपील है कि वनों की कटाई न कराए अभी तक 25 लाख पेड़ काटे जा चुके ओर निरंतर वनों का दोहन हो रहा है। बड़ी मात्रा में छत्तीसगढ़ का हसदेव का जंगल, जैसे अनेक स्थानों से वनों की कटाई हो रही है।
इसलिये 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर वृक्षारोपण कर एक पेड़ लगाने की अपील किया। मीडिया प्रभारी कंचन लाल सल्लाम, दीपक कुमरे, अजय अरेवा, राजकुमार धुर्वे, संतोष बरकड़े, देवेन्द्र वरकड़े, लकी परते, विपिन धुर्वे सहित समाज जानो व केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी विश्व आदिवासी दिवस वृक्षारोपण कर मनाया।

