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आदिवासी नेता को औकात में रहें कहना लोकतंत्र पर प्रहार है, यह भाषा बर्दास्त नहीं-गोंगपा

आदिवासी नेता को औकात में रहें कहना लोकतंत्र पर प्रहार है, यह भाषा बर्दास्त नहीं-गोंगपा

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान आदिवासी समाज के स्वाभिमान को भी ठेस पहुंचाती है

कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर गोंगपा ने कड़ा विरोध दर्ज कराया 

उमंघ सिंघार का अपमान समूचे आदिवासी समाज का अपमान है 

मंत्री विजयवर्गीय पर कार्यवाही नहीं होने पर गोंगपा ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी  

कमलेश गोंड, राष्ट्रीय संवाददाता
भोपाल। गोंडवाना समय।  

मध्यप्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की महिला मोर्चा की बैठक में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में कथित असंसदीय एवं अभद्र भाषा प्रयोग को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।


गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के द्वारा प्रदेश कार्यालय भोपाल में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। जिसमें प्रदेशभर से आए पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। 

पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है-कमलेश तेकाम 


बैठक का मुख्य उद्देश्य हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और आदिवासी समाज के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर रणनीति तय करना रहा। बैठक में  गोंडवाना गणतंत्र पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष इंजी. कमलेश तेकाम ने नेता प्रतिपक्ष के प्रति की गई टिप्पणी की घोर निंदा करते हुये कहा है कि इस प्रकार की भाषा न केवल लोकतांत्रिक मयार्दाओं के विपरीत है, बल्कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को भी ठेस पहुंचाती है।
        मध्यप्रदेश के वर्तमान में सदन में नेता प्रतिपक्ष आदिवासी समाज से हैं। ऐसे में उन्हें औकात में रहने जैसी भाषा कहना पूरे आदिवासी समुदाय का अपमान है। यह बयान सत्ता के अहंकार को दशार्ता है और लोकतंत्र की गरिमा को कमजोर करता है। ऐसे में उनके सम्मान पर आघात करना अस्वीकार्य है। 

सार्वजनिक रूप से माफी मांगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 


उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित नेता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी प्रदेशभर में जनजागरण अभियान और लोकतांत्रिक आंदोलन चलाएगी। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शांतिराज कुशराम ने कहा कि आदिवासी समाज औकात की भाषा नहीं, बल्कि अधिकार, सम्मान और समान भागीदारी की भाषा समझता है और अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए संगठित रूप से खड़ा रहेगा। उन्होंने इसे भाजपा की चाल, चरित्र और चेहरा उजागर करने वाला कृत्य बताया। 

मंत्री के विरुद्ध तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए 

गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मंत्री के विरुद्ध तत्काल प्रकरण पंजीबद्ध किया जाए और उनसे पद से इस्तीफा लिया जाए, ताकि आदिवासी समाज का मान सम्मान और प्रतिष्ठा बरकरार रह सके। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस मुद्दे पर फिलहाल भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चचार्एं तेज हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है। 

बैठक के दौरान प्रमुख रूप से ये रहे मौजूद 

बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष चेतन कुमरे, सुखदास टेकाम, अतरलाल धुर्वे, साबनसार धुर्वे, जाहिद खान, जोहरीलाल इनवति सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकतार्यों के साथ महिला मोर्चा उपस्थित रहे।

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