छात्र अयांश धुर्वे पर स्कूल शौचालय की दीवार गिरी : गंभीर रूप से घायल
2 फरवरी की घटना, जनजातिय कार्य विकास विभाग की अंसवेदनशीलता उजागर
नागपूर में उपचार हेतु भर्ती, मदद की लगाई गुहार
बादलपार/कुरई। गोंडवाना समय।
जनजातिय कार्य विकास विभाग सिवनी में लाखों, अरबों रूपये का बजट आता है, विभागीय अधिकारी कर्मचारी उसी बजट में लाल बम होकर चमक रहे है, हष्ट पुष्ट हो रहे है। वहीं आदिवासियों के नाम पर आने वाले बजट में मालामाल होने वाले विभागीय अधिकारी कर्मचारियों में संवेदनशीलता संभवतय: मर चुकी है।
अजाक अंतर्गत स्कूल प्रागंण में घटी घटना से आदिवासी मासूम छात्र के गंभीर रूप से घायल होने के मामले में विभाग के उच्चाधिकारियों तक संभवतय: जानकारी या तो पहुंचाई नहीं गई है और न ही संज्ञान लेने का प्रयास किया गया है।
वहीं जब सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा को स्कूल प्रांगण में दीवार गिरने से आदिवासी मासूम छात्र के घायल होने के संबंध में बताने का प्रयास किया गया तो पूरी जानकारी सुने ही सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा में डीपीसी का मामला है कहकर फोन काट दिया।
हालांकि कुरई ब्लॉक के वीडियों श्री अनुराग रावल से जब चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त घटना के संबंध में हमें जानकारी है लेकिन नागपूर में उपचार के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी, हम प्रयास करेंगे कि छात्र के उपचार में सहयोग कर सकें।
दोनों हाथ का पंजा व एक हाथ की कोहनी का ज्वाइंट उखड़ गया था
हम आपको बता दे कि जनजाति कार्य विकास विभाग के कुरई ब्लॉक के बादलपार क्षेत्र के ग्राम कुड़ोडोबरी रैयतवाड़ी के शास. प्राथमिक विद्यालय में दिनाँक 2 फरवरी 2026 को कक्षा चौथी के छात्र अयांश धुर्वे (8 वर्ष) के ऊपर स्कूल में पीछे बने शौचालय की वाउंड्रीवाल की दीवार गिरने से छात्र गम्भीर रूप से घायल हो गया था। छात्र ने खुद को बचाने अपने दोनों हाथ ऊपर किये। इससे उसके दोनों हाथ का पंजा व एक हाथ की कोहनी का ज्वाइंट उखड़ गया था।
स्कूल प्रबंधन व पंचायत प्रतिनिधियों ने गंभीरता नहीं दिखाई
अयांश धुर्वे के पिता श्री राजेन्द्र धुर्वे ने बताया कि मेरे बेटे को घटना के बाद शासकीय अस्पताल सिवनी में इलाज के लिये भर्ती किया गया था लेकिन दिनों दिन छात्र की स्थिति नाजुक होती गयी। इस कारण उपचार हेतु नागपुर भेजा गया। वर्तमान में सिम्स हॉस्पिटल नागपुर में इलाज चल रहा है। लगभग अभी तक 30 से 40 हजार रूपये खर्च आ गया है। वहीं मेरी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
पारिवारिक सदस्यों से प्राप्त जानकारी के अनुसार रिपोर्ट में छात्र की पसलियों में पानी और आँतों में खून का रिसाव हो रहा है ऐसा बताया जा रहा है। जिसका आॅपरेशन होना है। नन्ही सी जान मासूम छात्र अयांश धुर्वे कितना दबाव झेल पाता है लेकिन प्रथम जवाबदारी स्कूल व ग्राम पंचायत की बनती थी पर किसी ने जवाबदारी से काम नहीं किया।
गरीब आदिवासी छात्र का जीवन बचाने आगे आयें
अब स्थिति यह कि आदिवासी छात्र अयांश धुर्वे के आॅपरेशन के लिए परिवार अपनी जमीन गिरवी रखकर भी राशि की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। यदि शासन/प्रशासन/सामाजिक संगठन, राजनैतिक दलों के नेता अपनी थोड़ी भी जिम्मेदारी समझें तो इस गरीब आदिवासी छात्र का जीवन बचाने आगे आयें। विशेषकर जनजाति कार्य विभाग जो कि असंवेदनशीलता का परिचय दे रहा है उन्हें तत्काल इस तरह के संवेदनशील मामले में संज्ञान लेने की आवश्यकता है। आदिवासी छात्र की मदद के लिये आप अयांश धुर्वे के पिता श्री राजेन्द्र धुर्वे के 9009544280 मोबाईल नंबर पर संपर्क कर सकते है।



