जनजाति वर्ग की छात्रा की फीस जमा करने 75 हजार रूपये का किया आर्थिक सहयोग
गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था की पहल से धनेश्वरी धुर्वे छात्रा का भविष्य होगा सुरक्षित
आर्थिक समस्या के कारण अंतिम वर्ष की पढ़ाई करने में असमर्थ थी धनेश्वरी धुर्वे, अब हुआ समाधान
गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था अनुसूचित जनजाति वर्ग के सामाजिक-शैक्षणिक उत्थान हेतु करती है कार्य
महाराष्ट्र/मध्यप्रदेश। गोंडवाना समय।
गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था मध्यप्रदेश के सदस्य तिरु. हेमंत सिंह उईके को एक कॉल आया जिसमें उनको बीएससी नर्सिंग के अंतिम वर्ष के कॉलेज फीस जमा करने के लिये आर्थिक समस्या होने के कारण सहयोग के रूप में रूपये की मांग रखी थी।
आदिवासी छात्रा की समस्या के संबंध में विस्तृत जानकारी संस्था प्रतिनिधी को भेजा, उसी दिन छात्रा की पारिवारिक, शैक्षणिक, आर्थिक परिस्थिती की जानकारी लेने की कोशिश संस्था के उपाध्यक्ष तिरु.देवराज धुर्वे द्वारा की गयी।
'अनुश्री कॉलेज आॅफ नर्सिंग जबलपूर मध्यप्रदेश' की छात्रा है धनेश्वरी धुर्वे
जानकारी मिलने पर पता चला कि छात्रा का नाम तिरु. धनेश्वरी आनंद सिंह धुर्वे हैं जो कि जबलपूर में 'अनुश्री कॉलेज आॅफ नर्सिंग जबलपूर मध्यप्रदेश' में अंतिम साल की छात्रा हैं। कॉलेज की एक साल की फीस 75000/- पच्चतहर हजार रूपये हैं जो कि हर साल उनके पिताजी द्वारा जमा कराई जाती थी और साथ में निजी छात्रवास-मेस की फीस जो हर मंथ की 3500/- तीन हजार पांच सौं हैं, उक्त फीस भी हर महिने उनके पिताजी के द्वारा भेज दिये जाते थे।
कॉलेज ने कहा पूरी फीस जमा करने पर ही कक्षा में प्रवेश दिया जायेगा
इस साल उनकी अंतिम साल की फीस जमा करने में उनके परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं थी, उनकी आर्थिक परिस्थिती कमजोर हो गयी थी। जिसके कारण छात्रा धनेश्वरी धुर्वे की शिक्षा पर विपरीत प्रभाव पड़ा। कॉलेज ने छात्रा को अंतिम साल के कक्षा में शामिल करना बंद कर दिया था और छात्रा धनेश्वरी ने भी पढ़ाई बंद कर दिया था। कॉलेज प्रबंधन का साफ-साफ कहना था की जब-तक कॉलेज फीस आप जमा नहीं करती हो तब-तक आपकों कॉलेज में अंतिम वर्ष की पढ़ाई करने के लिये प्रवेश नहीं दिया जायेगा।
अपने प्रयास से 10 हजार ही जुटा पाई और निराश हो गई थी
वहीं अनुपस्थिति लगाने की बात भी छात्र धनेश्वरी धुर्वे से कहा गया। छात्रा ने अपने स्तर पर फीस जुटाने का पूरा प्रयास की लेकिन वह सिर्फ 10, 000/- ही जमा कर पायी थी। इस स्थिति में परिवार एवं अन्य किसी का साथ उनको नहीं मिला और फिर छात्रा धनेश्वर धुर्वे निराश हो गयी।
छात्रा की पारिवारिक परिस्थिति जानने पर पता चला की छात्रा का परिवार बिछिया तहसील जिला मंडला मध्यप्रदेश में निवास करता है। घर में माँ-पिता जी खेती का काम करते हैं, एक छोटा भाई हैं जो कि पढाई आर्थिक समस्या के कारण बीच में ही कॉलेज छोड़ दिया है। घर की परिस्थिती ऐसी नहीं थी की छात्रा की फीस जमा कर सके।
छात्रा के भविष्य को देखते हुये 75 हजार रूपये देने का निर्णय लिया गया
यह सभी जानकारी एकत्र करने के बाद, छात्रा की परिस्थिति को ध्यान में रखकर तत्काल गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था मध्यप्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं संस्था सदस्य तिरु. हेमंत सिंह उईके को साथ लेकरं कॉन्फरन्स की गयी। जिसमें छात्रा की शिक्षा, पारिवरिक, आर्थिक संबंधित सभी जानकारी संबंधित पहलू पर चर्चा करके संस्था द्वारा छात्राहित व उसके भविष्य को ध्यान में रखते हुये कुल कॉलेज की अंतिम साल की फीस जमा करने का निर्णय लिया गया। जिसमें संस्था द्वारा कुल राशीं 75,000/- पच्चहत्तर हजार रूपये देने का निर्णय लिया गया।
कम समय में गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था ने लिया अच्छा निर्णय
गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था मध्यप्रदेश के पास जब भी कोई समस्या आती हैं तो उसको परिवार में पेश करके सदस्यों से चर्चा कर अच्छा सुझाव आमंत्रित करते हैं की संस्था द्वारा सही निर्णय लिया जाये जो समुदाय के हितार्थ हो लेकिन इस बार धनेश्वरी धुर्वे छात्रा की समस्या में समय की अवधी कम होने से और इसका परिणाम बच्ची के शिक्षा पर होते देख समय न गवाते हुये अंतिम निर्णय लिया गया। गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था के सामाजिक-सांस्कृतिक, शैक्षणिक कार्य में परिवार के सभी सदस्यों का बहुमूल्य योगदान रहा हैं। संस्था के सदस्यगण सभी ने नि:स्वार्थ भाव से संस्था का कार्य निरंतर कर रहे है।
सामाजिक उत्थान के लिये संवेदनशीलता के साथ करती है कार्य
गोंडवाना अस्मिता बहुद्देशीय संस्था भारत के सभी अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये सामाजिक-शैक्षणिक क्षेत्र में कार्य करती हैं और ये कार्य निरंतर जारी हैं, शिक्षा क्षेत्र में संस्था संवेदनशील ध्यान रखकर कार्य करती हैं। संस्था के तरफ से इस शैक्षणिक समस्या पर संस्था द्वारा तत्काल स्वरूप में जो निर्णय संस्था अध्यक्ष तिरु. अशोक मड़ावी, उपाध्यक्ष तिरु.कपिल कोटनाके, उपाध्यक्ष तिरु.देवराज धुर्वे, कोषाध्यक्ष तिरु.मोरेश्वर वट्टी, सहसचिव तिरु.हर्षद कोराम, सदस्य तिरु.मंगेश शेडमाके, तिरु.दिलीप टेकाम, ितरु. हेमंत सिंह उईके सर ने शिक्षा का महत्व समझते हुये छात्रा धनेश्वरी धुर्वे को आर्थिक सहायता की गयी उसके लिये सभी को आभार व्यक्त करते हैं।


