गोंडी पुनेम गाथा का ग्राम बामंदा में शुभारंभ, सामूहिक विवाह रहेगा मुख्य आकर्षण
पुनेमाचार्य प्रेम सिंह सल्लाम दादा का स्वागत भी पारंपरिक गोंडी संस्कृति के अनुसार किया गया
कलश यात्रा से हुई शुरूआत, सामूहिक विवाह रहेगा मुख्य आकर्षण
पंधाना/खंडवा। गोंडवाना समय।
खंडवा जिला की तहसील पंधाना के अंतर्गत ग्राम बामंदा में गोंडी धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित 7 दिवसीय कोयापुनेम का शुभारंभ 19 मार्च 2026 को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य रूप से किया गया।
कार्यक्रम के पहले दिन कलश यात्रा एवं कलश स्थापना के साथ आयोजन की शुरूआत हुई, जिसमें ग्राम के देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर उन्हें आमंत्रित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन शामिल रहे जिससे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
गोंडी धर्म एवं संस्कृति की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं
पुनेमाचार्य प्रेमसिंह सल्लाम दादा का स्वागत भी पारंपरिक गोंडी संस्कृति के अनुसार किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत पांच कलश ज्योति प्रज्वलित कर बुढ़ादेव सुमरनी के साथ की गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। शुक्रवार 20 मार्च को कार्यक्रम के दूसरे दिन स्थापित पेन शक्तियों, बड़ादेव, बुढ़ादेव एवं महादेव के विषय में पुनेमाचार्य द्वारा प्रवचन दिए जा रहे हैं।
बड़ी संख्या में समाजजन इस आयोजन में शामिल होकर गोंडी धर्म एवं संस्कृति की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इस सात दिवसीय आयोजन में आगामी दिनों में जीवजगत की उत्पत्ति, गोंडी पुनम की सामाजिक संरचना, धर्म, भाषा एवं संस्कृति, पारंपरिक तीज-त्योहार तथा जन्म, विवाह और मृत्यु संस्कारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रवचन आयोजित किए जाएंगे।
गोंडी रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराए जाएंगे
आयोजन का प्रमुख आकर्षण सामूहिक विवाह कार्यक्रम रहेगा, जिसमें गोंडी रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह संपन्न कराए जाएंगे। समिति द्वारा नवविवाहित जोड़ों को दहेज स्वरूप 5 बर्तन एवं विवाह प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम का समापन 25 मार्च को पूणार्हुति, पुर्नदीक्षा समारोह एवं विशाल भंडारे के साथ किया जाएगा। इस कार्यक्रम आयोजन समिति गोंड समाज महासभा जिला इकाई खंडवा ने सभी समाजजनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस आयोजन को सफल बनाएं।



