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आदिवासियों की जमीनों की आड़ में लाखों का खेला कर रहा सतीश अग्रवाल

आदिवासियों की जमीनों की आड़ में लाखों का खेला कर रहा सतीश अग्रवाल 

भूमाफिया के लिये संरक्षित जिला है सिवनी, सत्ताधारी दलों के नेताओं का मिलता है संरक्षण 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

आदिवासी की जमीनों की खरीद, फरोक्त, एग्रीमेंट कराकर खनिज उत्खनन का खेल करने वाले भाजपा-कांग्रेस पार्टी से संरक्षण पाने वाले भूमाफिया के लिये सिवनी जिला सबसे संरक्षित जिला माना जाता है। राजस्व विभाग, खनिज विभाग, वन विभाग हो या अन्य विभागों में सबसे पहले काम और सुनवाई आदिवासियों की जमीनों को लूटने वाले भूमाफियाओं की होती है।
                


आदिवासी की जमीनों की आड़ में उनके साथ छलकपट करके, धोखाधड़ी करके कौड़ियों के दाम देकर लाखों करोड़ो के बारे-न्यारे किया जा रहे है। ऐसा ही एक मामला सतीश अग्रवाल का है जिसके दस्तावेज गोंडवाना समय संज्ञान में आये है। सतीश अग्रवाल आदिवासियों की जमीनों की आड़ में लाखों करोड़ों रूपये के बारे-न्यारे कर रहा है।
            बताया जाता है कि इसके लिये सतीश अग्रवाल ने भाजपा के कुछ नेताओं को भी अपने सपोर्ट में लेकर पार्टनर बनाकर लाखों करोड़ों कमाने के खेला में शामिल कर लिया है। भाजपा के एक विधायक का खासमखास होने का दावा भी सतीश अग्रवाल के द्वारा राजस्व विभाग, खनिज विभाग और भी अन्य विभागों में दमखम के साथ किया जाकर दबाव बनाया जाता है। 

भाजपा के नेताओं को बना रहा पार्टनर 

सतीश अग्रवाल कैसे आदिवासी की जमीनों की आड़ में कौड़ियों के दाम पर लाखों करोड़ों कमाने का खेला कर रहा है। भाजपा के कौन नेताओं को पार्टनर बनाकर आदिवासियों की जमीनों की लूट खसोट करके लाखों कमाने में भागीदार बना रहा है।
            इसके पीछे भाजपा के नेताओं का संरक्षण लेने का प्रयास सतीश अग्रवाल के द्वारा किया जा रहा है। भूमाफियाओं की दौड़ में सतीश अग्रवाल किस तरह से प्रतियोगिता में कौन कौन को शामिल किया है। इनके चेहरे भी उजागर किया जायेगा। भूमाफिया बनकर आदिवासियों की जमीनों से लाखों करोड़ों कमाने का खेल तो सतीश अग्रवाल कर रहा है।  

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