यूगेश पटेल एसडीओ ने डीएफओ बनकर स्थानांतरण आदेश में क्यों किया था हस्ताक्षर ?
स्थानांतरण में प्रतिबंध के बावजूद भी प्रभार दिलाने जारी किया था आदेश
सिवनी। गोंडवाना समय।
यूगेश पटेल एसडीओ के पद पर दक्षिण वन मण्डल कार्यालय सिवनी में पदस्थ है। वन विभाग के अफसरों को अपने चतुराई चालाकी से जाल में फंसाकर अपने खिलाफ की गई शिकवा शिकायतों में लीपा पोती कराने में माहिर है। वन विभाग के अफसरों का संरक्षण भी यूगेश पटेल एसडीओ हमेशा मिलता रहता है।
वन विभाग में नियमों को ठेंगा दिखाकर नौकरी करने वाले यूगेश पटेल अपने पद के विपरीत यानि कनिष्ठ होने के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी बनकर अर्थात डीएफओ बनकर स्वयं हस्ताक्षर करके वन परिक्षेत्र अधिकारी कुरई सामान्य परिक्षेत्र को दिनांक 27 फरवरी 2026 को जामरापानी परिक्षेत्र सहायक वृत्त का प्रभार दिये जाने के संबंध में ओदश जारी किया था।
वन संरक्षक सिवनी को अपनी आंखे खोलने की सख्त आवश्यकता
सिवनी वन संरक्षक अधिकारी व वन विभाग के उच्चाधिकारियों को यूगेश पटेल एसडीओ की कार्यप्रणाली के संबंध में आंखे खोलने की आवश्यकता है। जो एसडीओ यूगेश पटेल डीएफओ के नाम पर अपने स्वयं के हस्ताक्षर करके विभागीय आदेश जारी कर सकते है वह पता नहीं कब वन संरक्षक के पदनाम पर स्वयं के हस्ताक्षर करके भी आदेश जारी कर सकते है।
सूत्रों की माने तो दक्षिण वन मण्डल सामान्य के डीएफओ जिस दिन ड्यृटी पर तैनात थे उस दिनांक को एसडीओ यूृगेश पटेल ने डीएफओ के पदनाम पर अपने हस्ताक्षर करके जामरापानी परिक्षेत्र सहायक का प्रभार के संबंध में आदेश जारी कर दिया था।
यूगेश पटेल ने स्वयं के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया था
सूत्रों की माने तो दक्षिण वन मण्डल सामान्य सिवनी के विभागीय लेटरपेड में वन मण्डलाधिकारी दक्षिण सिवनी सामान्य वनमण्डल के पदनाम पर एसडीओ यूगेश पटेल के द्वारा अपने स्वयं के हस्ताक्षर से आदेश जारी किया गया था।
उक्त आदेश में उल्लेख था कि झनकलाल राजपूत कार्यवाहक उप वन क्षेत्रपाल परिक्षेत्र सहायक वृत्त जामरापानी वन परिक्षेत्र कुरई सामान्य अपनी अर्द्धवार्षिकी की आयु पूर्ण कर दिनांक 28 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त होने के कारण शिवनंदन चंद्रवंशी वनपाल, वन परिक्षेत्र खवासा सामान्य को रिक्त वृत्त जामरापानी वन परिक्षेत्र कुरई सामान्य का वन एवं वन्यप्राणी बाहुल्य व संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा की दृष्टि से कार्यों के सुचारू रूप से संपादन हेतु कार्य आवंटन किया जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। सूत्र बताते है कि जारी आदेश के समय स्थानांतरण की प्रक्रिया में प्रतिबंध भी लगा था लेकिन इसके बाद भी एसडीओ यूगेश पटेल ने डीएफओ के पदनाम पर अपने स्वयं के हस्ताक्षर से आदेश जारी कर दिया था।
बिना फॉर लिखे एसडीओ हस्ताक्षर करके आदेश जारी कर सकता है
अब सवाल यह उठता है कि क्या वन विभाग में डीएफओ के पदनाम पर बिना फॉर लिखे एसडीओ हस्ताक्षर करके आदेश जारी कर सकता है। इस मामले में वन विभाग सिवनी के वन संरक्षक अधिकारी को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। यूगेश पटेल एसडीओ की कार्यप्रणाली पर नकेल कसने की आवश्यकता है।
वहीं उक्त संबंध में यदि शिकायत हुई है तो वन विभाग के उच्च अधिकारियों को अपनी आंखे खोलने की ंआवश्यकता है नहीं तो आने वाले समय वन विभाग के चौकीदार भी वन विभाग के उच्चाधिकारियों के पदनाम पर हस्ताक्षर करके आदेश जारी करने लगेंगे।

