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गैर-आदिवासी आशीष अग्रवाल के नाम दर्ज बरेलीपार माल की भूमि में फर्जीवाड़ा

गैर-आदिवासी आशीष अग्रवाल के नाम दर्ज बरेलीपार माल की भूमि में फर्जीवाड़ा 

बरेलीपार माल में 0.40 हेक्टेयर भूमि का अवैधानिक कृत्य उजागर 

फर्जी रजिस्ट्री को निरस्त करने गोंड समाज महासभा ने कलेक्टर से की शिकायत 

आदिवासी की भूमि हड़पने पर घिरे आशीष अग्रवाल समेत 4 अनावेदक


सिवनी। गोंडवाना समय। 

सिवनी तहसील के अंतर्गत ग्राम बरेलीपार माल स्थित आदिवासी वर्ग की बेशकीमती भूमि को हेराफेरी कर गैर-आदिवासी के नाम हस्तांतरित करने की शिकायत प्रशासन की चौखट तक पहुंच गई है।
        


गोंड समाज महासभा, जिला सिवनी ने अपने प्राधिकृत प्रतिनिधि एवं अध्यक्ष चित्तौड़ सिंह कुशराम के माध्यम से न्यायालय श्रीमान कलेक्टर व उप-खंड अधिकारी (राजस्व) सिवनी के समक्ष एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है।
             इस आवेदन में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 170-ख एवं धारा 165(6) के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अनावेदक आशीष अग्रवाल सहित अन्य क्रय-विक्रयकतार्ओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और अवैध खरीद-बिक्री को निरस्त करने का निवेदन किया गया है।  

अवैध नामांतरण कराया गया 

प्रस्तुत आवेदन के विवरण अनुसार, ग्राम बरेलीपार माल (पटवारी हल्का नंबर 48/42) स्थित खसरा नंबर 151 (रकबा 0.40 हेक्टेयर) वर्ष 1980 से 2000 तक के पुराने राजस्व अभिलेखों में मूल खातेदार लक्ष्मण पिता वाचू लाल (या कोदू ) परधान एवं रमलो पति वाचू लाल परधान के नाम दर्ज थी, जो स्पष्ट रूप से अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं।
            आवेदन में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2010 से 2012 के दौरान कतिपय व्यक्तियों और राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से संशोधन पंजी व खसरे में कूट-रचना की गई। भूमि की मूल पहचान छिपाने की नीयत से खातेदार लक्ष्मण के पिता का नाम वाचू/कोदू परधान से बदलकर लोकू कर दिया गया। इसके बाद बिना कलेक्टर की अनिवार्य लिखित अनुमति के भूमि का पहला अवैध नामांतरण अंकित मालू (अनावेदक क्र. 4) के नाम दर्ज कराया गया।  

08 अगस्त 2022 को हुई रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा

आवेदन में आगे दशार्या गया है कि इसके बाद अंकित मालू द्वारा यह जमीन मोहम्मद रशीद खान एवं मोहम्मद सादिक खान (अनावेदक क्र. 2 व 3) को बेच दी गई। तत्पश्चात 08 अगस्त 2022 को रजिस्ट्री क्रमांक एमपी368082022ए1828672 के माध्यम से अनावेदक क्र. 2 व 3 ने यह भूमि गैर-आदिवासी आशीष अग्रवाल पिता निर्मल कुमार अग्रवाल (अनावेदक क्र. 1) को बेच दी, जो वर्तमान में रिकॉर्ड में दर्ज है।

आपराधिक मामला दर्ज करने का आग्रह 

गोंड समाज महासभा ने अपने आवेदन में तर्क दिया है कि कानूनन बिना प्रशासनिक स्वीकृति के किया गया ऐसा हस्तांतरण प्रारंभ से ही शून्य माना जाता है।  गोंड समाज महासभा ने आवेदन के माध्यम से मांग की है कि अनावेदक आशीष अग्रवाल के नाम की गई दिनांक 08 अगस्त 2022 की विक्रय विलेख (रजिस्ट्री) सहित संपूर्ण अवैध विक्रयावलियों को निरस्त किया जाए।
                साथ ही राजस्व अभिलेखों से आशीष अग्रवाल का नाम पृथक कर भूमि का आधिपत्य मूल आदिवासी खातेदार या शासन मद में पुनर्स्थापित करने तथा राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वाले दोषी कर्मचारियों व अनावेदकों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने का आग्रह किया गया है।

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