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आदिवासियों की फसलों पर वन विभाग ने रहलोंन कला में डाला कीटनाशक (सफर चट्ट)

आदिवासियों की फसलों पर वन विभाग ने रहलोंन कला में डाला कीटनाशक (सफर चट्ट) 

धूमा परिक्षेत्र में आदिवासी किसानों की फसल हुई बर्बाद

गोंगपा जिला अध्यक्ष गंगाराम मरावी से पीड़ित किसानों ने मदद की लगाई गुहार 


धूमा/लखनादौन। गोंडवाना समय। 

सिवनी जिले में वन विभाग के द्वारा वन क्षेत्रों के करीब बसे गांवों में जहां पर वर्षों से आदिवासी किसान व अन्य किसान खेती किसानी का कार्य करते आ रहे है उन किसानों के द्वारा वन अधिकार पत्र के लिये आवेदन निवेदन भी वर्षों से किया जा रहा है।
                    


इसके बाद भी वन विभाग के द्वारा सिवनी जिले के कुछ क्षेत्रों में विशेषकर आदिवासी किसानों की खड़ी फसलों को बर्बाद करने का कार्य किया जा रहा है। धूमा परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रहलोंन में वन भूमि पर खेती किसानी कर रहे आदिवासियों की खड़ी फसलों पर कीटनाशक (सफर चट्ट) डालकर पूरी फसल नष्ट कर दिया गया है जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई है उन्हें हजारों व लाखों का नुकसान भी होने की संभावना है। 

30-40 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं किसान 


वन विभाग के द्वारा धूमा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत रहलोन में वन विभाग के द्वारा आदिवासी किसानों की फसलों पर सफरचट डालने के बाद बर्बाद हुई फसल से परेशान किसानों अपनी प्रताड़ना को बताते हुये गोंडवाना गणतंत्र पार्टी सिवनी जिला अध्यक्ष गंगाराम मरावी से  मदद व न्याय दिलाने की गुहार लगाया है।
                 वहीं प्रभावित किसानों की जानकारी मिलने के बाद घटना स्थल पर गोंगपा जिला अध्यक्ष गंगाराम मरावी, गोंगपा पदाधिकारी व कोयतूर गोंडवाना महासभा के पदाधिकारी व सामाजिक पदाधिकारी पीड़ित किसानों से मिलने रहलोन पहुंचे।
                जहां पर किसानों ने बताया कि हम लोग 30-40 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं उक्त भूमि के संबंध में उनके पास साक्ष्य भी मौजूद हैं। वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत वन अधिकार पत्र के लिए ग्राम सभा में दावा भी जमा किया गया है उसके बावजूद इन आदिवासियों को वन अधिकार के मलिकाना हक नहीं दिए गए, अधिकार पत्र नहीं दिए गए है। 

दावा मान्य या अमान्य का कोई भी पत्र नहीं दिया है 


किसानों ने बताया की वन विभाग का कहना है कि आपका दावा अमान्य कर दिया गया है। वन अधिकार अधिनियम के तहत वन अधिकार समिति ग्राम सभा में दावा मान्य कर दिया गया हो तब उपखंड स्तरीय समिति भौतिक सत्यापन कर दावा को मान्य और अमान्य के लिए अनुशंसा करेगी।
                    इस संबंध में वन अधिकार समिति ग्राम सभा को पत्र लिखेगी, अगर किसी प्रकार की कोई कमी या कोई साक्ष्य दावे में नहीं है तो उसे पूर्ण करने के लिए वापस ग्राम सभा को भेजेंगी लेकिन उपखंड स्तरीय समिति ने ग्राम सभा को आज दिनांक तक दावा मान्य या अमान्य का कोई भी पत्र नहीं दिया है। 

वन अधिकार अधिनियम 2006 का पालन नहीं कर रहा है 

जिला कलेक्टर सिवनी के द्वारा सभी ग्राम पंचायत व वन अधिकार समिति अध्यक्ष सचिव के नाम पत्र जारी कर व्यक्तिगत अधिकार पत्र व सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार की प्रक्रिया ग्राम सभा में दावा जमा करने आदेशित किया गया है। आदेश के बाद वन विभाग जिला कलेक्टर के आदेश की अवहेलना कर आदिवासियों की भूमि पर खतरनाक कीटनाशक डालकर फसल नष्ट कर रहा है।
                     गोंगपा जिला अध्यक्ष गंगाराम मरावी ने बताया कि वन अधिकार अधिनियम की धारा 4 (5) में स्पष्ट है कि जब तक वन अधिकार अधिनियम की प्रक्रिया जारी है तब तक किसी भी आवेदक हितग्राही किसी को बेदखल नहीं किया जा सकता है। वन विभाग संसद के द्वारा बनाए गए कानून वन अधिकार अधिनियम 2006 का पालन नहीं कर रहा है। 

किसके आदेश से व किस नियम के तहत सफरचट का कर रहे उपयोग 

गोंगपा जिला अध्यक्ष गंगाराम मरावी को पीड़ित किसानों ने बताया कि उनके द्वारा वन विभाग के द्वारा सफरचट डालकर बर्बाद की गई फसल के संबंध में पुलिस थाना धूमा में पहुंचकर लिखित शिकायत दी है। अब देखना यह है कि जिन कर्मचारियों अधिकारियों ने यह कृत्य किया है। क्या वन विभाग का आदेश उनके पास है या  किसी प्रकार की नियमावली किसानों के फसल में कीटनाशक डालने का है। 

अपराध की श्रेणी में आता है यह कृत्य

अगर किसी प्रकार का आदेश नहीं है तो संविधान के तहत वह भारतीय दंड संहिता के तहत यह अपराध की श्रेणी में आता है। अब देखना यह है कि क्या पुलिस इस संबंध में जांच कर क्या कार्यवाही करती है वहीं ग्राम रहलोंन के किसान भगवानदास पिता सुमत लाला गोंड ओझा उम्र 43 वर्ष, सुगर लाल पिता मिलोक गोंड ओझा उम्र 50 वर्ष, विरझू पिता तिलोक गोंड ओझा उम्र 62 वर्ष, बुद्धू पिता जोरसिंह गोंड ओझा उम्र 62 वर्ष सभी किसान ग्राम रहलोंन के निवासी हैं। जो कि खेती किसानी कर अपना जीवन यापन करते हैं। वहीं वन विभाग के द्वारा खड़ी फसल पर सफर चट्ट जहरीली दवाई से फसल पूरी तरह बर्बाद कर दी गई है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। 

आगामी समय में धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा 

गंगाराम मरावी जिला अध्यक्ष गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला सिवनी ने बताया कि इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। जिसकी कार्यवाही व आदिवासियों को न्याय दिलाने आगामी समय में धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा। इसी तरह क्षेत्र में विगत दिनो पूर्व में ग्राम बुढ़वानी की एक गर्भवती महिला व ग्राम कुण्डा निवासी विसन पिता झाम लाल उइके के विरुध झूठा प्रकरण वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत जेल भिजवाया गया था।
                इसी प्रकार से ग्राम बुढवानी एवं ग्राम भंगी भोई देवरी के कब्जाधारियो पर भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत भी जेल भेजा जा चुका है। इन सभी मद्दो को लेकर धरना प्रदर्शन किया जायेगा। जिसकी पूरी जवाबदारी शासन व प्रशासन की होगी। 

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