Tuesday, March 3, 2020

एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाएगी

एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग दी जाएगी

प्रतियोगी परीक्षा और इंजीनियरिंग, मेडिकल के लिए कोचिंग कराई जाए

प्रवेश में विशेष जनजाति को दी जाये प्राथमिकता 

रायपुर। गोंडवाना समय।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम की अध्यक्षता में मंत्रालय में राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण आवासीय एवं आश्रम संस्थान समिति संचालक मंडल की बैठक आयोजित की गई। डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बैठक में कहा कि प्रदेश में संचालित एकलव्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षा और इंजीनियरिंग, मेडिकल के लिए कोचिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालय प्रवेश नीति 2021-22 में सीटों के आरक्षण में अनुसूचित जनजाति में विशेष पिछड़ी जनजाति कमार, अबूझमाड़िया, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, बैगा, पण्डो और भुंजिया के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाए।

केंद्र सरकार को भेजा जाये प्रस्ताव 

डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि एकलव्य विद्यालयों में कक्षा 9 वीं और 11वीं में सीट्स रिक्त होने पर लेटरल इंट्री की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव केन्द्र को भेजा जाए। निष्ठा योजना अंतर्गत नक्सल हिंसा से पीड़ित पालकों के बच्चों को एकलव्य विद्यालय में प्रवेश की अनुमति के संबंध में भी प्रस्ताव भेजा जाए। बैठक में केन्द्र द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातियों का संचालन एकलव्य सोसायटी के अंतर्गत लाने के लिए प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। 

प्रतियोगिता परीक्षा के साथ समर कैंप का किया जाये आयोजन 

डॉ. टेकाम ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक वर्षीय आवासीय प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार की जाए। इसमें ड्रापर्स विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराके राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में चयन हेतु प्रशिक्षण दिया जाए। डॉ. टेकाम ने कहा कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए परीक्षा के बाद समर कैम्प का आयोजन किया जाए।

खादी ग्रामोद्योग विभाग से खरीदेंगे गणवेश    

बैठक में बताया गया कि बोर्ड परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को कोचिंग देने के लिए मैरिट के आधार पर बच्चों की सूची तैयार कर ली गई है। इन बच्चों को बोर्ड परीक्षा के बाद 40 दिन की कोचिंग दिया जाना प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2020-21 में नवीन एकलव्य विद्यालय प्रारंभ करने के लिए जिन विद्यालयों के भवन और संसाधन उपलब्ध हैं वहां के प्रस्ताव केन्द्र को भेजे जाएंगे। शिक्षण सत्र 2020-21 में बालक और बालिकाओं को नवीन शाला गणवेश प्रदाय करने हेतु खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग को आर्डर दे दिया गया है। बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जनजाति विकास विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, आयुक्त श्री मुकेश कुमार बंसल, अपर सचिव वित्त विभाग श्री सतीश पांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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