Monday, April 6, 2020

चालक, परिचालकों ने किया आर्थिक सहयोग की मांग

चालक, परिचालकों ने किया आर्थिक सहयोग की मांग 

सिवनी। गोंडवाना समय।
लॉकडाउन के बाद वाहनों के पहिये थम जाने के बाद यात्रि वाहनों को चलाने वाले चाालक, परिचालक, हेल्पर एवं अन्य परिवहन से जुडे हुये व्यक्तियों के लिये जनजीवन भी आर्थिक रूप से प्रभावित हो गया है। सिवनी मुख्यालय में लगभग 250 से अधिक चालक-परिचालक, हेल्पर आदि ने कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान संकट के समय बस परिवहन से संबंधित समस्त चालक, परिचालक, एवं स्टाफ जिला सिवनी की ओर से आर्थिक रूप से सहायता प्रदान किये जाने की मांग, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, विधायक, सांसद सहित सिवनी कलेक्टर से किया गया है। 

जिला, प्रदेश व अंतराज्यीय प्रांत में देते है सेवा 

हम आपको बता दे कि सिवनी मुख्यालय परिवहन के साधनों के मामले में अन्य जिलो से सबसे आगे है और सिवनी मुख्यालय चारो दिशाओं का केंद्र बिंदु होने के कारण यहां पर परिवहन के साधन की अधिकता है एवं इससे अधिकांश परिवार का जीवन यापन इसी पर निर्भर है। सिवनी जिला मुख्यालय में ही 250 से अधिक चालक परिचालक जिला सिवनी में नियमित रूप से प्राइवेट बस चालन के कार्य से अपना जीवन यापन करते हैं। जो कि सिवनी से विभिन्न जिलो एवं अंतर्राज्यीय जिलो के लिए अपनी नियमित सेवाएं देते हैं ।

आर्थिक समस्या से जूझ रहा परिवार 

लॉकडाउन के बाद आये संकट के समय चालक, परिचालक, व समस्त स्टॉप घरों पर बैठा हुआ है। जिनके पास शासन द्वारा प्रदत सुविधाएं मनरेगा, .कर्मकार मंडल, गरीबी रेखा कार्ड, संबल योजना जैसी कोई योजनाओं के कार्ड ना होने की वजह से शासकीय सहायता वाली योजनाओं एवं मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे समय में आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ आर्थिक समस्या से ऐसे चालक, परिचालक, व अन्य स्टाफ को जूझना पड़ रहा है। 

दिल्ली सरकार आॅटो-टैक्सी चालकों को कर रही मदद 

वहीं जानकारी के अनुसार दिल्ली राज्य सरकार के द्वारा भी आॅटो टैक्सी ड्राइवरों को सहायता दिया जा रहा है। इसी तरह से इस परिस्थिति में यदि प्रशासन द्वारा चालक, परिचालक, व इनसे जुड़े हुये अन्य स्टाफ के कर्मचारियों को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की मांग की गई है। चालक, परिचालक भी एक तरह से समाज की सेवा का ही कार्य करते है निरंतर रात दिन अपनी सेवाएं समस्त जनता एवं शासन प्रशासन को देते हैं। ऐसे संकटयुक्त परिस्थिति में यदि शासन प्रशासन से किसी तरह की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करती है तो परिवार के जीवन यापन के लिये बड़ा सहारा बन सकता है। 

                       

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