Sunday, September 6, 2020

5 वी अनुसूची पर 2 सप्ताह में मध्य प्रदेश सरकार से मांगा जवाब

5 वी अनुसूची पर 2 सप्ताह में मध्य प्रदेश सरकार से मांगा जवाब

जयस राष्ट्रीय संरक्षक विधायक डॉ हीरालाल अलावा की याचिका पर मांगा जवाब


इंदौर। गोंडवाना समय। 

अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान में प्रावधान अनुसार 5 वी अनुसूचि के लागू नहीं किये जाने को लेकर राष्ट्रीय जयस संरक्षक डॉ हिरा लाल अलवा विधायक मनावर द्वारा  जनहित याचिका मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर की गई थी। जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य को संविधान की 5 वीं अनुसूची लागू करने के लिए अपने संवैधानिक कर्तव्य को निभाने के अनुरोध के साथ मध्य प्रदेश सरकार को निर्देशित करने के लिए दायर किया था। वहीं हम आपको बता दे आजादी व संविधान के लागू हो जाने के इतने वर्षों के बाद भी 5 वीं अनुसूची को मध्य प्रदेश राज्य में संविधान में प्रावधान अनुसार लागू नहीं किया गया है। 

5 वीं अनुसूची में है विशेष प्रावधान 

हालांकि संविधान निमार्ताओं ने कल्याण, अच्छे प्रशासन और अनुसूची क्षेत्रों में नियंत्रण के लिए 5 वीं अनुसूची में एक विशेष प्रावधान किया है। संविधान के अनुच्छेद 244 में कहा गया है कि 5 वीं अनुसूची का प्रावधान प्रशासन और अनुसूची क्षेत्रों पर नियंत्रण के लिए लागू होगा। जिसके तहत मध्य प्रदेश के धार, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला आदि अन्य जिलों को अनुसूची क्षेत्रों के रूप में घोषित किया गया है।

सरकार को दो सप्ताह में जवाब देने को कहा गया

वहीं इस संबंध में 5 सितंबर 2020 को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के जस्टिस श्री सतीश शर्मा एवं जस्टिस श्री शैलेन्द्र शुक्ला की बेंच द्वारा सरकार से जवाब मांगा गया है। सरकार को दो सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। मनावर विधायक डॉ हीरालाल अलवा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आनंद मोहन माथुर  एवं अधिवक्ता अभिनव धनोदकर द्वारा पैरवी की गई। 

1 comment:

  1. बेहतर कार्य के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद जोहार 🙏🙏🙏

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