Monday, September 21, 2020

जयस को देशद्रोही संगठन कहने पर आदिवासी युवाओ में आक्रोश निवास में सौपा ज्ञापन

जयस को देशद्रोही संगठन कहने पर आदिवासी युवाओ में आक्रोश निवास में सौपा ज्ञापन


मण्डला। गोंडवाना समय। 

जयस के माध्यम से पांचवीं अनुसूची, वनाधिकार कानून, पेसा कानून समेत आदिवासियों-गरीबों के अन्य संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्य करने वाले जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन को मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर द्वारा जयस संगठन को देशद्रोही संगठन बताया जाकर जयस संगठन को नष्ट करने का आह्वान किया जाकर जयस संगठन के आदिवासी कार्यकतार्ओं के विरुद्ध लोगों को भड़काकर अशांति फैलाकर राष्ट्र की एकता-अखंडता को नष्ट करने, देश के आखिरी पंक्ति में खड़े आदिवासियों के भावनाओं को आहत करने पर उषा ठाकुर के खिलाफ अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 एवं आईपीसी की धारा 124 अ, 153 अ, 153 इ, 504, 505 (1) (इ) के तहत एफआईआर दर्ज कर अविलंब गिरफ्तार करने बाबत एवं मध्य प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी संस्कृति-सभ्यता विरोधी संगठनों को घुसने से प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर निवास में जयस संगठन द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। 

वनाधिकार पट्टा वितरण कार्यक्रम के दौरान कहा था देशद्रोही 

उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि दिनांक 19/09/2020 को डोंगरगांव स्थित आंबेडकर विश्वविद्यालय में मध्यप्रदेश की संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने पूरे होश में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन को देशद्रोही संगठन बताकर जयस संगठन को नष्ट करने, जयस कार्यकतार्ओं के खिलाफ लोगों को भड़काने, सामाजिक अशांति फैलाने एवं संविधान का उल्लंघन कर राष्ट्र की एकता-अखंडता को नष्ट करने एवं देश के आखिरी पंक्ति में खड़े आदिवासियों की भावनाओं को आहत किया गया है। जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन संविधान की पांचवीं अनुसूची, वनाधिकार कानून, पेसा कानून समेत आदिवासियों-गरीबों के अन्य संवैधानिक अधिकारों के लिए कार्य करता है।

संस्कृति मंत्री का बयान आदिवासियों का अपमान 


जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) निवास मण्डला द्वारा ज्ञापन सौंपा गया। उक्त जानकारी देते हुये गोपाल सिंह उवेर्ती ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की संस्कृति मंत्री के द्वारा जयस को देशद्रोही कहे जाने के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी व आक्रोश व्याप्त है। संस्कृति मंत्री का बयान निंदनीय व आदिवासियों का अपमान है। इस तरह से देशद्रोही कहने के मामले में मंत्री उषा ठाकुर पर एफआईआर दर्ज कराये जाने की मांग की गई है। इसके लिये निवास में ज्ञापन सौंपा गया है। जयस मण्डला जिला के निवास में सौंपे गये ज्ञापन के दौरान घनश्याम कुम्हरे, सौरभ परते, राहुल धूमकेती, अंशु परधान, हिमांशु धूमकेती, शुभांशु परस्ते, रोहित मरावी, लकी आनन्द पावले आदि जयस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 


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