Sunday, November 29, 2020

'नाम जपो, कीरत करो और वंड छको' के उनके संदेश में उनकी सभी शिक्षाओं का सार

'नाम जपो, कीरत करो और वंड छको' के उनके संदेश में उनकी सभी शिक्षाओं का सार

राष्ट्रपति ने गुरु नानक जयंती की पूर्व संध्या पर शुभकामनाएं दीं


नई दिल्ली। गोंडवाना समय।

भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने गुरु नानक देव की जयंती की पूर्व संध्या पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति ने एक संदेश में कहा, ह्लगुरु नानक देव की जयंती के शुभ अवसर पर, मैं भारत और विदेशों में रहने वाले सभी नागरिकों, विशेषकर सिख समुदाय के भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। गुरु नानक देव का जीवन और शिक्षाएं सभी मनुष्यों के लिए प्रेरणा हैं।
        उन्होंने लोगों को एकता, सद्भाव, बंधुत्व, सौहार्द और सेवा का रास्ता दिखाया और कड़ी मेहनत, ईमानदारी व आत्म-सम्मान के साथ जीवन शैली जीने के लिए एक आर्थिक दर्शन दिया। गुरु नानक देव ने अपने अनुयायियों को एक ओंकार का मूल मंत्र दिया और जाति, पंथ और लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी मनुष्यों के साथ समान व्यवहार करने पर जोर दिया। 'नाम जपो, कीरत करो और वंड छको' के उनके संदेश में उनकी सभी शिक्षाओं का सार है। आइए गुरु नानक देव की जयंती के पावन अवसर पर, हम सब अपने आचरण में उनकी शिक्षाओं का पालन करें।


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