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Tuesday, December 29, 2020

राज्यपाल ने बैगा जनजातियों की समस्याओं को नजदीक से जाना

राज्यपाल ने बैगा जनजातियों की समस्याओं को नजदीक से जाना

बैगाओं की पारंपरिक कला-संस्कृति को संरक्षित करने पर दिया जोर

बैगा नृत्य प्रस्तुत करने पर प्रतिदिन 100 रूपए का पारिश्रमिक दिया जाने पर राशि बढ़ाये जाने के लिये कहा 


मंडला। गोंडवाना समय।

राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने मंडला जिले के कान्हा किसली के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की समस्याओं को नजदीक से जानने का प्रयास किया। राज्यपाल ने बैगा जनजाति के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की तथा बैगा जनजाति के लोगों से कहा कि वे आगे आकर शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।

बैगा नृत्य दल को एक लाख रूपए स्वेच्छा अनुदान से देने की घोषणा 


राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के कान्हा किसली पहुंचने पर बैगा आदिम जनजातियों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इको विकास समिति खटिया, नारंगी के बैगा नृत्य दल के मुखिया श्री सोनसाय बैगा के नेतृत्व में आकर्षक पारंपरिक बैगा नृत्य का प्रदर्शन किया गया। राज्यपाल ने बैगा नृत्य के प्रदर्शन की भूरी-भूरी सराहना करते हुए बैगा नृत्य दल को एक लाख रूपए स्वेच्छा अनुदान से देने की घोषणा की। इसके अलावा राज्यपाल ने अपनी ओर से उन्हें प्रोत्साहन राशि भेंट की। 

कलेक्टर से बैगा नृत्य प्रस्तुत करने पर पारिश्रमिक बढ़ाने कहा 


ज्ञातव्य है कि कान्हा किसली आने वाले पर्यटकों के मनोरंजन के लिए इको विकास समिति खटिया, नारंगी के बैगा नृत्य दल द्वारा हर शनिवार और रविवार शाम को बैगा पारंपरिक नृत्य का प्रदर्शन किया जाता है। बैगा नृत्य दल के सदस्यों ने सुश्री अनुसुइया उइके को बताया कि उन्हें बैगा नृत्य प्रस्तुत करने पर प्रतिदिन 100 रूपए का पारिश्रमिक दिया जाता है। इस पर राज्यपाल सुश्री उइके ने कलेक्टर से कहा कि बैगा नृत्य प्रस्तुत करने पर प्रतिदिन कम से कम दो सौ रूपए दिलाने की व्यवस्था करें, ताकि पुरातन बैगा संस्कृति लुप्त होने से बची रहे और बैगा कलाकारों का भी उत्साहवर्धन होता रहे।

सोनसाय बैगा के घर जाकर उनकी परिस्थितियों का जायजा लिया


राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उइके ने बैगा नृत्य दल के मुखिया श्री सोनसाय बैगा के घर जाकर उनकी परिस्थितियों का जायजा लिया। श्री सोनसाय बैगा ने राज्यपाल सुश्री उइके को बैगाओं के पारंपरिक भोजन कोदो-कुटकी और औषधीय कंदमूल के गुणों से अवगत कराया और उन्हें भेंट भी दी। उन्होंने राज्यपाल को बैगाओं की पुरातन संस्कृति से भी अवगत कराया। राज्यपाल ने बैगा कलाकारों से भेंट की और म्यूजियम में जाकर बैगाओं की कलाकृतियों का निरीक्षण किया तथा उनकी प्रशंसा की।

आदिवासी समाजिक संगठनों की समस्याओं को सुना 


राज्यपाल सुश्री उइके से मंडला, डिंडौरी और चिरईडोंगरी के प्रतिनिधियों ने भेंटकर आदिवासियों की समस्याओं तथा क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत कराया। राज्यपाल ने आदिवासी जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। राज्यपाल सुश्री अनुसईया उइके के कान्हा किसली पहुंचने पर राज्यसभा सदस्य श्रीमती संपतिया उइके ने भेंट की और स्थानीय समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। श्री दीपक धुर्वे ने मंडला डिंडौरी के अनुसूचित क्षेत्र में पूर्ण रूप से पेसा कानून, पांचवी-छठवीं अनुसूची को लागू कराने का अनुरोध किया। जनजातीय विकास के पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय मुद्दों और जनजातियों की समस्याओं से राज्यपाल सुश्री उइके को अवगत कराया।

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