Thursday, March 4, 2021

रतन वरकड़े ने जयस मंडला जिला अध्यक्ष की कमान संभालते ही कहा पांचवी अनुसूची के साथ सभी जाति, धर्म, वर्गों के सम्मान के लिये करेंगे काम

रतन वरकड़े ने जयस मंडला जिला अध्यक्ष की कमान संभालते ही कहा पांचवी अनुसूची के साथ सभी जाति, धर्म, वर्गों के सम्मान के लिये करेंगे काम 

जयस मंडला की कार्यकारिणी का किया गया गठन, युवाओं को दी गई हम जिम्मेदारियां




मंडला/नारायणगंज। गोंडवाना समय। 

जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) की कार्यकारिणी का विस्तार करते हुये जयस मंडला जिला अध्यक्ष ने गढ़ मंडला की कार्यकारिणी का गठन किया। कार्यकारिणी गठन केसंबंध में किला महल में बैठक हुई। इसमें जिले के सभी ब्लाकों के जयस कार्यकतार्ओं के साथ जिले के पदाधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया। यह कार्यकारिणी गठन को लेकर की गई बैठक का आयोजन जयस राष्ट्रीय संरक्षक डॉ हीरालाल अलावा और प्रदेश अध्यक्ष अंतिम मुजाल्दा के आदेश अनुसार किया गया है। 

गोपाल उर्वेती के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के बाद रिक्त हुआ था अध्यक्ष का पद


जिसमें अभी कुछ दिनों पहले ही जयस जिला अध्यक्ष श्री गोपाल सिंह उरवेति को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाये जाने पर रिक्त हुये पद में नई नया जिला अध्यक्ष बनाये जाने के लिये बैठक में चर्चा हुई। जयस जिला मंडला के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों की उपस्थिति में गोपाल सिंह उरवेति प्रदेश उपाध्यक्ष की अनुशंसा पर बैठक में जिले के सभी 9 ब्लाकों के पदाधिकारियों की सहमति पर सर्वसम्मति से मंडला जयस जिला अध्यक्ष श्री रतन वरकड़े को नियुक्त किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल सिंह उर्वेती द्वारा वही जिले के अन्य रिक्त पदों को भी बैठक के दौरान जिम्मेदारी दिया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश उपाध्यक्ष गोपाल सिंह उर्वेती ने जयस की संवैधानिक अधिकारों के आधार पर जयस की विचारधारा व उद्देश्यों के बारे में जानकारी भी दिया। 

रतन वरकड़े ने 49 पंचायतो पर सेक्टर बनाकर दिया संविधान की जानकारी 


प्रदेश, जिला की अनुमति और सभी जिले ब्लॉक को कार्यकतार्ओं की सहमति पर जिला अध्यक्ष की नियुक्ति किया गया। जिसमें रतन वरकडे को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि रतन वरकडेÞ नारायणगंज ब्लॉक के ब्लॉक संरक्षक के रूप में विगत लंबे समय से सामाजिक क्षेत्रों में काम करते रहे है। वहीं रतन वरकड़े ने नारायणगंज ब्लाक में 49 पंचायतो पर सेक्टर बनाकर युवाओं को संविधान के हक अधिकारों की संबंध में प्रशिक्षण देकर युवाओं को जागृत करने का काम  किया है। युवाओं को उनके अपने हक और अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिये कैडर कैंप के माध्यम से हर एक छोटी से बड़ी जानकारी उपलब्ध कराते रहे हैं। रतन वरकड़े हमेशा जमीन से जुड़े कार्यकतार्ओं में और अपने तेजतर्रार जवाब देने के रूप में अपनी विशेष पहचान रखते है। युवाओं में उनकी अच्छी पकड़ है उनके कार्यशैली को देखते हुए उन्हें जयस मण्डला जिला अध्यक्ष के रूप में नियुक्त कर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। 

नियुक्ति के बाद अध्यक्ष ने रखी अपनी बात और बताई आगामी योजनाएं


जय मंडला जिला अध्यक्ष के पद पर नवनिर्वाचित होते ही जिलाध्यक्ष रतन बरकड़े ने अपनी बात रखते हुए विशेष तौर पर संविधान पर फोकस करते हुए कहा कि संविधान में वर्णित पांचवी अनुसूची, रूढ़ी प्रथा एवं आरक्षण विषय पर जोर देते हुये कहा कि जयय की विचारधारा सभी वर्गों, जाति, धर्म का सम्मान करते हुए कार्य करेगी।
         इस भ्रम को भी हटाया गया कि जयस सिर्फ आदिवासियों के लिये ही नहीं बल्कि सभी वर्गों के लिए आवाज उठाने का कार्य करती है। आरक्षण नीति के अंतर्गत एसटी, एससी, ओबीसी सभी को आरक्षण नीति के आधार पर उन्हें लाभ मिले इस संबंध में जयस की आवाज मंडला जिले में मजबूत की जायेगी। इसके साथ ही मंडला जिले के अंदर खनिज संपदा के अंतर्गत रेत की नीलामी प्रदेश के बाहर के व्यक्ति के हाथ में ठेके को दिये जाने पर इसका विरोध किया जायेगा और स्थानीय स्तर पर ग्राम सभा के माध्यम से युवाओं का रोजगार दिये जाने के लिये रेत का ठेका दिये जाने की पुरजोर मांग की जायेगी। बाहर के ठेकेदारों को रेत का ठेका देने से निर्माण कार्य कराने वालों को भी महंगी रेत मिलती है।
                वहीं उन्होंने जिले के अंदर नक्सलाइट मूवमेंट के नाम पर आदिवासियों का फर्जी एनकाउंटर किया जाने को मामले को गंभीरता से लेते हुये कहा कि वास्तव में नक्सलाइट मूवमेंट जिले के अंदर रहती तो शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी असुरक्षित रहते लेकिन मंडला जिले में आज तक एक खरोच भी नहीं आई है, उसके बावजूद ऐसे एनकाउंटर करना कहीं ना कहीं शासन द्वारा आदिवासियों का उन्मूलन का कार्य किया जा रहा है। इस बात को हम अपने संगठन के संरक्षक डॉ हीरालाल अलावा को भी अवगत कराएंगे और विधानसभा में प्रश्न चिन्ह खड़ा करने की मांग करेंगे। 

बुधेरा घाट को जोड़ते हुए पुल का निर्माण की रखेंगे मांग  

मंडला जिला के अंदर मां नर्मदा प्रवाह में ही है जो कि जीवनदायिनी के रूप में है लेकिन जब से बरगी जलाशय का निर्माण किया गया है उसमें हमारे लोगों की जमीन घर द्वार सब डूबे हुए हैं और विस्थापन किया गया है। इतने वर्षों के बावजूद भी मंडला से जबलपुर के बीच कहीं भी सीधे सिवनी जिले का संपर्क के रूप में एक पुल भी निर्माण नहीं हो पाया है, जिसकी मांग लंबे समय तक चलती आ रही है हम शासन से मांग करेंगे कि नारायणगंज विकासखंड के अंतर्गत नर्मदा नदी के चरणों की घाट और सिवनी जिले की बुधेरा घाट को जोड़ते हुए एक पुल का निर्माण किया जाए ताकि व्यापार, आवागमन शैक्षणिक सुविधा अन्य जन सामान्य को सुविधा प्राप्त हो सके और लगभग 100 किलोमीटर की दूरी भी समाप्त होगी। 

इन कार्यकतार्ओं को दी गई अहम जिम्मेदारी


जयस की बैठक में जिला अध्यक्ष रतन वरकड़े को नियुक्त किये जाने के साथ ही, विषम कुमार उपाध्यक्ष नारायण सिंह धुर्वे, राकेश वरकडे, सुनील कुमार, बबलू सिंह सैयाम, विधानसभा प्रभारी निवास, पवन मीडिया प्रभारी, जयपाल सिंह मार्को सचिव, श्याम सिंह टेकाम, खेल प्रमुख सन्तु खंडाते खले प्रभारी आदि की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही अन्यय पदों पर भी शीघ्र ही ऊर्जावान व सक्रिय युवाओं को आगामी बैठक में  नियुक्त किया जायेगा।  

ये रहे उपस्थित

कार्यकारिणी गठन को लेकर जयस की बैठक में विशेष रूप से ओम प्रकाश, आनंद कुशराम, दीपचंद वायाम, गोपाल सिंह, राकेश उइके, मनीष कुमार उइके, हेम सिंह सैयाम, रामकुमार धुर्वे, रमेश वरकड़े,  प्रमोद वरकडे, सन्तु खंडाते, जयपाल मार्को, गंगाराम कुलस्ते, हेमराज नेताम, बुध सिंह, सर्वोदय बबलू सैयाम, रतन वरकडे, काशीराम, बलराम धुर्वे, विषम कुमार, अभय सिंह धुर्वे, देवेन्द मरावी, प्रदीप सिंह मार्को आदि उपस्थित रहे।


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