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गोंडवाना साम्राज्य के सिंगौरगढ़ किले के इतिहास से खिलवाड़ करने वालो पर की जाये सख्त कार्यवाही

गोंडवाना साम्राज्य के सिंगौरगढ़ किले के इतिहास से खिलवाड़ करने वालो पर की जाये सख्त कार्यवाही 

कार्यवाही नहीं हुई तो करेंगे चक्काजाम, गोंड समाज महासभा ने 16 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन


दमोह। गोंडवाना समय। 

गोंड समाज महासभा के तत्वाधान में 1 मार्च 2021 को 16 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से देश के महामहिम राष्ट्रपति, जनजाति कार्य विभाग मंत्रालय नई दिल्ली, केंद्रीय राज्यमंत्री पर्यटन विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। 

                गोंड समाज महासभा द्वारा सौंपे गये ज्ञापन में उल्लेख किया गया श्री गंगाराम बंसल जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय बसोर जाति दमोह एवं श्री कमल बसोर और भारतीय मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष हटा द्वारा सिंगौरगढ़  किले पर अनावश्यक भ्रामक जानकारियां फैलाने के संबंध में बताया गया कि दमोह जिला में स्थित सिंगौरगढ़ का किला जो कि गोंडवाना साम्राज्य की महान वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान का प्रतीक है वर्तमान में जीर्ण क्षीर्ण अवस्थता में जिसकी मरम्मत के लिए भारत सरकार के द्वारा उठाया गया कदम बहुत ही सराहनीय है। जिसके लिए दमोह जिला का संपूर्ण आदिवासी समाज भारत सरकार को कृतज्ञता ज्ञापित करता है एवं भारत सरकार का आभारी है। 

संपूर्ण आदिवासी समाज में रोष व्याप्त 


गोंड समाज महासभा का कहना है कि कुछ दिनों पूर्व से एक समाज विशेष जो कि बसोर जाति समाज द्वारा इस ऐतिहासिक विरासत के  गौरव एवं गरिमा को बेनवंश के राजा द्वारा निर्मित होना जैसी बनावटी भ्रामक जानकारी बसोर समाज द्वारा फैलाई जा रही हैं जो असत्य व झूठ हैं, उक्त विषय को लेकर दमोह जिले कि संपूर्ण आदिवासी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है एवं श्री कमल बसोर अध्यक्ष भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा 2 अप्रैल 2018 को सूचना के अधिकार के तहत चाही गई जानकारी पत्र में अशोभनीय भाषा का उपयोग किया गया है, जिसमें संपूर्ण आदिवासी समाज में रोष व्याप्त है। 

कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति ना हो सके


ऐसे आवेदक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के लिए आदिवासी दमोह जिले के विभिन्न गांवों से हजारों की तादाद में कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे, जहां पर ज्ञापन सौंपकर उक्त मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की और आगे कहा गया कि अगर इस विषय में पांच दिवस में कोई कार्रवाई नहीं होती तो समस्या को लेकर राष्ट्रपति के आगमन के पूर्व पूरे जिले में चक्का जाम किया जाएगा। जिसकी जवाबदारी शासन प्रशासन और कोमल बासोर गंगराम बंसल उत्तरदाई रहेंगे। आदिवासी समाज द्वारा कहा गया कि इन के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति ना हो सके।
            अपनी 16 सूत्रीय मांगों मे बताया कि यह मांग कई वर्षों से की जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से कई बार कलेक्टर महोदय को देश के प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दे चुके हैं लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके लिए आज बेहद संख्या में हम आदिवासी समाज को एक होना पड़ा और बड़ी हजारों की तादाद में आज कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए पुन: ज्ञापन सौंपा है। संबधित व्यक्तियों के विरुद्ध कार्यवाही को लेकर पुलिस अधीक्षक, कोतवाली प्रभारी के नाम भी ज्ञापन सौंपा 

ज्ञापन सौंपते समय ये रहे मौजूद

इस अवसर पर गोंड समाज महासभा मप्र के प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ दमोह जिले के समस्त आदिवासी समाज में महिलाएं बच्चे युवा बुद्धिजीवी जनप्रतिनिधि लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य रूप से गोंड समाज महासभा के बैनर तले ज्ञापन सौंपत समय गोंड समाज महासभा मध्य प्रदेश प्रदेश सचिव कौशल पोर्ते, प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंवर सुनील शाह ऐडाली, जिला अध्यक्ष के एस उरेर्ती, संरक्षक जानकी प्रसाद मरावी,  कार्यवाहक अध्यक्ष बलवीर सिंह, उपाध्यक्ष सचिव सीताराम, कोषाध्यक्ष राजाराम, सरपंच डेलन सिंह धुर्वे, भूप सिंह ठाकुर, नरेंद्र सिंह ठाकुर, सतेंद्र सिंह ठाकुर सरपंच, लखन सिंह मरकाम,  महिला मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामा बाई आदि ऐसे हजारों की तादात में उपस्थिति रही और ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त प्रदेश मीडिया प्रभारी कुंवर सुनील शाह ऐडाली ने किया। 

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