Wednesday, April 14, 2021

कलेक्टर की अपील, कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं, डरे नहीं, यह सुरक्षित है

कलेक्टर की अपील, कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं, डरे नहीं, यह सुरक्षित है 

कोविड-19 वैक्सीन ही एक मात्र बचाव का प्रभारी तरीका है


सिवनी। गोंडवाना समय।

कलेक्टर डॉ. राहुल हरिदास फटिंग ने कहा कि विश्व व्यापी कोरोना महामारी के दौर में कोविड-19 वैक्सीन ही एक मात्र बचाव का प्रभारी तरीका है। जो शरीर में कोरोनावायरस के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर जीवन को बचाने में कारगर साबित हुआ है।
        


उन्होंने कोरोना वेक्सीन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारत में निर्मित कोविशील्ड तथा कोवेक्सीन दोनो ही पूर्णतरू सुरक्षित एवं कारगर है। यह टीका  हेल्थकेयर वर्कर, फ्रंट लाइन वर्कर तथा 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया जा रहा है। टीकाकरण प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लगाया जाता है। जिसकी अधिकारियों द्वारा सतत निगरानी की जाती है।

इनसे घबराएं नहीं ये अपने आप 5-6 दिनों में समाप्त हो जाते हैं       


मध्यप्रदेश में 63 लाख से अधिक लोगों को कोविड 19 का टीका लगाया जा चुका है किन्तु अभी तक कोई भी गंभीर विपरीत प्रतिक्रिया सूचित नहीं हुई है। टीकाकरण पश्चात सामान्यत: शरीर में एक या दो लक्षण दिखाई देते हैं, जैसेबुखार, कंपकंपी, ठंड लगना, बैचेनी, थकान, सिर में भारी पन, सर दर्द, चक्कर आना, उल्टी, जी मिचलाना, शरीर पर चकत्ते, खुजली, मांसपेशियों एवं जोड़ो में दर्द, इंजेक्शन लगाने वाले स्थान पर दबाने से दर्द, गर्माहट, लालिमा, सूजन तथा कड़ापन आदि ये सामान्य लक्षण है। इनसे घबराएं नहीं ये अपने आप 5-6 दिनों में समाप्त हो जाते हैं। वहीं टीकाकरण पश्चात  लाभार्थी को 30 मिनिट के लिए आब्जर्वेशन में रखा जाता है यदि किसी व्यक्ति में कोई भी विपरीत प्रतिक्रिया परिलक्षित होती है तो आवश्यक औषधियां युक्त  एईएफआई किट द्वारा उसका उपचार सुनिश्चित किया जाता है। 

जीवन को सुरक्षित रखते है         

कलेक्टर डॉ राहूल हरिदास फटिंग ने कहा कि टीकाकरण पश्चात शरीर में उपरोक्त विपरीत प्रतिक्रिया होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो वेक्सीन की क्रियाशीलता, एंटीबॉडी बनने की प्रक्रिया को दशार्ता है। यह अच्छा लक्षण है। इससे घबराएं नहीं, ये लक्षण अपने आप समाप्त हो जाते है तथा शरीर में एंटीबॉडी विकसित कर कोरोनावायरस के विरुद्ध शरीर को सक्षम बनाते हुए जीवन को सुरक्षित रखते है। उन्होंने कहा कि वेक्सीन कोविशील्ड का दूसरा टीका प्रथम टीके के 42 से 56 दिन तथा कोवेक्सीन का दूसरा टीका 28 से 42 दिन के अन्दर लगाने से कोरोनावायरस के विरुद्ध अधिकतम प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। दूसरा टीका लगाने के पश्चात शरीर में पर्याप्त मात्रा में एंटी बॉडी विकसित होने में लगभग एक से डेढ़ महीने का समय लगता है। 

अपना व अपने परिजनों का कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं

अत: कोविड टीकाकरण पश्चात सभी को कोविड प्रोटोकॉल यथा मास्क पहनना, आपस में दो गज की दूरी रखना, साबुन.पानीध् सेनेटाइजर से बार.बार हाथ की सफाई, अनावश्यक यात्राध् भीड़.भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना आदि का पालन करना आवश्यक है। ताकि कोरोना संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु जिले में सम्पूर्ण लॉक डाउन लगाया गया है किन्तु लॉक डाउन के दौरान आम जनता को कोविड टीकाकरण हेतु आने.जाने की छूट प्रदान की गई है। अत: बिना किसी डर या भय से निकट के टीकाकरण केन्द्र पर आधारध् फोटो आईडी के साथ जा कर अपना व अपने परिजनों का कोविड टीकाकरण अवश्य कराएं। यह पूर्णतरू सुरक्षित है। कोरोना से मुक्ति हम सबके सहयोग से ही संभव है।

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