Tuesday, December 14, 2021

पुलिस प्रताड़ना और मारपीट से अनिल मरावी की मृत्यू पर गौर थाना प्रभारी नितिन पांडे को बर्खास्त करने की मांग

पुलिस प्रताड़ना और मारपीट से अनिल मरावी की मृत्यू पर गौर थाना प्रभारी नितिन पांडे को बर्खास्त करने की मांग 

आदिवासी अनिल मरावी की बर्बरता पूर्वक पुलिस द्वारा मारपीट और केन्द्रीय जेल में मृत्यु होने पर सौंपा ज्ञापन

घटना के विरोध में 19 दिसंबर को मीटिंग में तय करेंगे आगामी रणनीति 

मृतक के परिवारजनों को दस लाख रूपये आर्थिक सहायता दिये जाने की मांग 

जबलपुर। गोंडवाना समय। 

पुलिस प्रताड़ना और मारपीट से मारे गए आदिवासी स्वर्गीय अनिल मरावी को न्याय दिलाने के लिए 14 दिसंबर 2021 को जबलपुर जिले का पूरा आदिवासी समाज गोंड समाज महासभा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा सहित कई सामाजिक एवं आदिवासी संगठन ने मिलकर राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह के प्रतिमा स्थल में  एकत्र होकर तीन मांगों का ज्ञापन सौंपा।

अनिल मरावी को बंधक बनाकर गौर चौकी में मारपीट की गई


ग्राम जमतरा गौर चौकी पुलिस थाना बरेला जिला जबलपुर के अंतर्गत आने वाले पीड़ित परिवार से मिलकर जानकारी ली गई। पुलिस प्रशासन एवं आबकारी विभाग मिलकर एक आदिवासी अनिल मरावी को बंधक बनाकर गौर चौकी में मारपीट की गई और जेल में बंद किया गया। वहीं से उसे 5 दिसंबर 2021 को लेकर गये। साथ में  मुकेश उलाड़ी जो मण्डला के रहने वाले थे। जिसे 6 दिसंबर 2021 को जबलपुर जेल भेजा गया। जहां मजिस्ट्रेट जांच चलती है और फिर जेल में रखा जाता है। वहीं 09 दिसंबर 2021 को जेल से फोन किया गया फिर मेडिकल भेज दिया गया जहां पर मृत पाया गया पोस्ट मार्टम हुआ। जिसकी अभी रिपोर्ट नहीं मिली है, प्रशासनिक अमला के बीच अंतिम संस्कार किया गया। इस संबंध में 12 दिसंबर को पुलिस कंट्रोल रूम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर के साथ आदिवासी सामाजिक संगठनों की मीटिंग रखी गई लेकिन सकारत्मक जवाब नहीं मिलने के कारण 14 दिसंबर को आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस संगठन सहित अन्य समाजिक संगठनों ने सड़क पर आकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ ज्ञापन सौंपा है। 

घटना की न्यायायिक जांच न्यायपालिका द्वारा कराये जाने की मांग 


पहली मांग जबलपुर जिले के गौर थाना प्रभारी नितिन पांडे को तुरंत ही बर्खास्त करते हुए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किया जाए, दूसरा मृतक की पत्नी को दस लाख रूपये का आर्थिक मुआवजा दिया जाए और तीसरा घटना की न्यायायिक जांच न्यायपालिका द्वारा किया जाए। इन तीनों मांगों को लेकर भारी संख्या में महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे। मुख्यता उपस्थिति में पूर्व कैबिनेट मंत्री लखन घनघोरिया, कांग्रेस सेवा दल राष्ट्रीय संगठन एवं समीक्षक प्रभारी डॉक्टर सत्येंद्र यादव, दिनेश यादव, आलोक मिश्रा, कौशल्या गोटिया, नन्हे लाल धुर्वे, रुकमणी गोटिया, संजय श्रीवास्तव, सतीश तिवारी, संजू ठाकुर, रामरतन यादव, जितेंद्र यादव, आरिफ बेग, बैजनाथ कुशवाहा, कोमल, राजेंद्र टेकाम, नरेश कुलस्ते, बबलू उइके, घनश्याम यादव, दुर्गा उइके, संजय सेन, शिवचरण शर्मा, डॉ राजेंद्र पिल्ले, रेखा जैन, विजयकांत पटेल, विवेक अवस्थी, बृज बिहारी पटेल, तेज कुमार भगत, पंकज पांडे, अयोध्या तिवारी, रामदास यादव, रिजवान अली, गीता शरद तिवारी, इंदिरा पाठक, कमलेश यादव, अशोक बर्मन, पप्पी दुबे, छोटू नामदेव, खुर्शीद अंसारी, श्वेता दुबे, कहकशा अंजूम, संगीता त्रिपाठी, कमला चौहान, सरमन रजत, गीता कनौजिया, अभिषेक यादव, ताहिर अली, अभिषेक पाठक, विष्णु विनोदिया, इस्माइल पठान, मनोज नामदेव सहित सैकड़ों की संख्या में सदस्य एवं पदाधिकारी गण उपस्थित रहे। 

पुलिस अधीक्षक के समक्ष मृतक के परिजनों ने लगाई न्याय दिये जाने की गुहार 


जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपने के पश्चात 5 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है यदि 5 दिन के अंदर उचित कार्यवाही की जावे अन्यथा पूरा आदिवासी समाज एवं अन्य संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस कार्यक्रम में मृतक की मां एवं उनकी पत्नी रोशनी मरावी तथा उनकी 5 साल की बेटी ने पुलिस अधीक्षक के सामने गुहार लगाई। ज्ञापन के पश्चात एक संयुक्त मोर्चा की बैठक संपन्न हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि दिनांक 19 दिसंबर 2021 दिन रविवार को दोपहर 2 बजे संयुक्त मोर्चा की बैठक जबलपुर रेलवे स्टेशन स्थित राजा शंकर शाह एवं कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमा स्थल पर संपन्न होगी जिसमें आगे की रणनीति तय की जायेगी। 

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