Monday, March 21, 2022

कांग्रेस सरकार द्वारा ही ठेकेदारी प्रथा को बंद करके लघु वनोपज समितियों के माध्यम से ग्रामीण जनता को लाभ दिया जाना किया गया था प्रारंभ

कांग्रेस सरकार द्वारा ही ठेकेदारी प्रथा को बंद करके लघु वनोपज समितियों के माध्यम से ग्रामीण जनता को लाभ दिया जाना किया गया था प्रारंभ 

वन एवं पर्यावरण कांग्रेस प्रकोष्ठ द्वारा कांग्रेस कार्यालय में मनाया गया विश्व वानिकी दिवस 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री कमलनाथ के निदेर्शानुसार एवं वन एवं पर्यावरण कांग्रेस प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री एस.पी. तिवारी (रि.सी.सी.एफ.) के आदेश से एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री राजकुमार खुराना के कुशल नेतृत्व में वन एवं पर्यावरण कांग्रेस प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष एडव्होकेट आसिफ इकबाल खान की उपस्थिती में 21 मार्च 2022 को विश्व वानिकीय दिवस का आयोजन जिला कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में आयोजित किया गया।

अतिथियों का स्वागत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष द्वारा पौधा भेंट करके किया गया

कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष द्वारा पौधा भेंट करके किया गया। श्री आसिफ इकबाल ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 28 नवम्बर 2012 को विश्व वानिकीय दिवस मनाने की तिथि 21 मार्च तय की गई है तब से दुनिया के अनेक देशो में विश्व वानिकीय दिवस मनाया जा रहा है, तदोपरांत पंचायत राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष श्री सूर्यनाराण सिंह बघेल द्वारा पर्यावरण के संबंध में अपना उद्बोधन दिया गया। अन्य वक्ताओं में जिला कांग्रेस प्रभारी महामंत्री श्री ब्रजेश सिंह(लल्लू) बघेल, जिला कांग्रेस प्रवक्ता राजिक अकील, महामंत्री विष्णु करोसिया, जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष आनंद पंजवानी द्वारा पर्यावरण बचाने के संबंध में अपना उद्बोधन दिया। 

तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुई थी सोनिया गांधी

एड़ आसिफ इकबाल द्वारा वन एवं पर्यावरण प्रकोष्ठ की आवश्यकता क्यो पड़ी इस बात पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1989 में कांग्रेस सरकार द्वारा ही ठेकेदारी प्रथा को बंद करके लघु वनोपज समितियों के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य प्रदेश की ग्रामीण जनता को दिया गया तथा तेंदूपत्ता का संग्रहण का बोनस भी बाटना प्रारंभ हुआ। जिसके तारतम्य में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी लखनादौन कांग्रेस शासनकाल में तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुई थी। 

पूर्व वन मंत्री स्व. हरवंश सिंह के द्वारा प्रदेश में वन सुरक्षा समितियों का किया गया था गठन

श्री आसिफ इकबाल खान ने आगे बताया कि पूर्व वन मंत्री स्व. हरवंश सिंह के द्वारा वर्ष 2001 में वन सुरक्षा समितियों ंका गठन प्रदेश स्तर में किया गया था, जिससे वनो की सुरक्षा हेतु समितियों का राशि प्राप्त होती थी यह कार्य वर्ष 2001 से 2013 तक चलता रहा किन्तु वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने वर्ष 2014 से सुरक्षा समिति का पैसा समितियों को देना बंद कर दिया है, जिसे प्रारंभ कराये जाने की भी कांग्रेस पार्टी भरसक प्रयास करेंगी। 

आदिवासी जिले में वन समितियों का अध्यक्ष आदिवासी वर्ग से ही होता था

वर्ष 2016 में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग द्वारा विधेयक पास कराकर, आदिवासी जिले जिसमें समितियों का अध्यक्ष आदिवासी वर्ग का ही होता था उसे भी समाप्त कर दिया गया है, कांग्रेस पार्टी द्वारा आदिवासी जिलो में समिति का अध्यक्ष आदिवासी वर्ग को ही कई वर्षो से बनाया जा रहा था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया है यह भी आदिवासी वर्ग के साथ छलावा है। 

आदिवासी के वृक्ष कटाई की नीति बनायेंगे सरल

वर्तमान में आदिवासियों के वृक्ष कटाई की अनुमति की नीति अत्यधिक कठिन है उसे भी कांग्रेस सरकार अपने वचन पत्र मे रखकर सरल करने का प्रयास करेंगी, ऐसी मांग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से करने की बात अपने उद्बोधन में श्री आशिफ इकबाल खान ने कहा। अंत में वन एवं पर्यावरण को बचाने जिला स्तर पे समितियों को सक्रिय करते हुए कांग्रेस पार्टी की भावनाओं के अनुरूप कार्य करने की बात रखी।

इस दौरान ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेसी गेंदलाल भलावी, मोहनसिंह ठाकुर, धु्रवनारायण चौधरी, राजेश मानाठाकुर, तबरेज अली (पटेल), विपिन यादव, प्रवेश बाबू भालोटिया, ओम उपाध्याय, एड़ फैसल मिर्जा बेग, जयप्रकाश परिहार, नमन चौरसिया, शफीक बाबा, राजा बघेल उपस्थित रहें।

                                                                       

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