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जनसंघ के समय से भाजपा के लिए समर्पित आदिवासी परिवार, दबंग रसूखदार से अपनी जमीन बचाने हो रहे प्रताड़ित

जनसंघ के समय से भाजपा के लिए समर्पित आदिवासी परिवार, दबंग रसूखदार से अपनी जमीन बचाने हो रहे प्रताड़ित 

रसूखदार ने जबरन आदिवासी परिवार की जमीन पर किया अवैध कब्जा

आदिवासियों की नहीं प्रताड़ित करने वाले रसूखदारों की छपारा पुलिस थाना में होती है सुनवाई

आदिवासी बाहुल्य मध्यप्रदेश में आदिवासी की जमीनों पर गैर आदिवासियों के द्वारा बलपूर्वक कब्जा करना, उस पर निर्माण कार्य करना, खेती किसानी करना, उनका व्यावसायिक उपयोग करने से आदिवासी परिवार प्रताड़ित, शोषण का शिकार होकर अन्याय, अत्याचार सहने को मजबूर है। वहीं आदिवासियों की सुनवाई तो कुटने-पिटने के बाद और पीड़ित प्रताड़ित होने के बाद पुलिस थाना में तो कुछ ही प्रतिशत मामलों में हो पाती है अन्यथा उन्हें पुलिस अ हस्तक्षेप का मामला बताकर चलता कर दिया जाता है। इसके साथ साथ अनुसूचित जाति जनजाति की जमीन पर गैर अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग का व्यक्ति बलपूर्वक कब्जा कर ले, उन्हें उनकी जमीन पर से आने जाने से रोके या जमीन को लेकर विवाद कर प्रताड़ित करें तो इसकी सुनवाई भी न तो पुलिस थाना और न ही अजाक थाना में हो पाती है उन्हें राजस्व का मामला बताकर चलता कर दिया जाता है। ऐसे मामलों पर न तो प्रशासन, न शासन और न ही सरकार संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेती है यही कारण है कि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग पर अन्याय, अत्याचार, शोषण के मामले में बढ़ते जा रहे है। छपारा मुख्यालय में जो परिवार भाजपा के लिये जनसंघ के समय से समर्पित होकर कार्य कर रहा है वह दबंग रसूखदार की प्रताड़ना से परेशान है। प्रदेश में भाजपा की सरकार है लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। 


छपारा। गोंडवाना समय। 

आदिवासी विकासखंड मुख्यालय छपारा में रहने वाला स्वर्गीय भैयालाल सैयाम का परिवार जनसंघ के जमाने से आरएसएस  बीजेपी में रहते हुए उनके परिवार ने भारतीय जनता पार्टी के लिए कार्य किया है।
        


इतना ही नहीं इस परिवार से छपारा में सरपंच भी रह चुकी शांता सैयाम के परिवार के लोग बीजेपी की सरकार होने के बावजूद अपनी ही जमीन को बचाने के लिए प्रताड़ित होते नजर आ रहे है। 

गाली गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया 

बताया जाता है कि पूर्व सरपंच शांता सैयाम की बेटी माधुरी सलामे ने छपारा नगर के अंबर चौकसे पिता पुष्पकुमार चौकसे पेट्रोल पंप संचलाक के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण थाना में शिकायत करते हुए प्रताड़ित, अन्याय, अत्याचार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। जिस पर उन्होंने कहा है कि उनके परिवार की पैतृक कृषि भूमि अंबर चौकसे की भूमि के पास लगी हुई है और कुछ भाग पर उनकी भूमि पर बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं जब माधुरी सैयाम अपने खेत में कृषि कार्य से गई थी इसी दौरान उनके खेत पर मौजूद अंबर चौकसे ने जैसे ही खेत में देखा तो उनके पास आ गया और बोला तुम लोग मुझे क्यों रोक रहे हो, ऐसा कहते हुए आक्रोश में आ गया और अपशब्दों का प्रयोग कर गाली गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। 

आदिवासी पीड़ित पर ही छपारा पुलिस ने बना दिया फर्जी मामला 

इतना ही नहीं उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि उनके साथ मारपीट करते हुए जमीन पर घसीटा, बचाने के लिए उनका भतीजा विशाल सैयाम जो खेत में ही दूर काम कर रहा था,  वह हल्ला सुनकर आया तो अंबर चौकसे को मना किया तो उसने विशाल सैयाम को भी जमकर गाली गलौज देते हुए धमकाया और उसके साथ भी मारपीट की गई। इतना ही नहीं इस मामले को लेकर पीड़ित पक्ष छपारा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए गए तो उन्हें पुलिस ने राजस्व का मामला होने का हवाला देकर उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं किया बल्कि उनके भतीजे विशाल सैयाम के खिलाफ ही अंबर चौकसे की रिपोर्ट पर फर्जी मामला बना दिया गया। 

राजनीतिक रसूख के दम पर आदिवासी की जमीन पर जबरन दीवार खड़े करवा दी 

माधुरी सलामे ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि अंबर चौकसे ने राजनीतिक रसूख के दम पर उनकी जमीन पर जबरन दीवार खड़े करवा दी और स्वयं दीवार गिरा कर उनके परिवार और उनके खिलाफ छपारा पुलिस थाना में झूठी शिकायत दर्ज कराई गई। इस मामले को लेकर पीड़ित आदिवासी परिवार ने अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण थाना में शिकायत करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। 

नगर परिषद छपारा की बिना अनुमति के निमार्ण कार्य किया गया

नगर परिषद छपारा की बिना अनुमति के निमार्ण कार्य किया गया है। बताया जाता है कि पीड़ित परिवार ने अंबर चौकसे के द्वारा अवैध रूप से बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माण की शिकायत को लेकर आदिवासी परिवार नगर परिषद छपारा भी पहुंचा। जहां अंबर चौकसे के रसूख के सामने उन्होंने निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगवाई जबकि बताया जा रहा है किसी तरह की कोई अनुमति नहीं ली गई थी फिलहाल यह पूरा मामला लगातार नगर में तूल पकड़ता जा रहा है और चर्चा का विषय बना हुआ है।

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