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पूर्व स्थल पर ही बनेगा राजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा स्थल का चबुतरा

पूर्व स्थल पर ही बनेगा राजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा स्थल का चबुतरा 

घंसौर ब्लॉक के सामाजिक संगठनों व सगाजनों की पहल से बचा शहीदों का सम्मान 

शासकीय जमीन समझकर पहले तहसीलदार ने तुड़वाया, सीमाकंन के बाद निकली निजी जमीन 


घंसौर/सिवनी। गोंडवाना समय। 

अमर शहीद महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी के सम्मान में घंसौर में हुआ विचार-मंथन का असर हुआ है।
                


प्रतिमा स्थापना हेतु चबुतरा का निर्माण पूर्व स्थान पर ही बनाये जाने की पहल भी प्रारंभ हो गई है।

गोंडवाना समाज की आस्था, विश्वास कायम रखने घंसौर ब्लॉक के सगाजनों की पहल रंग लाई है। 

2 जून को तहसीलदार व पीडब्ल्यूडी विभाग ने तुड़वा दिया था चबुतरा 


अधिसूचित ब्लॉक घंसौर के अंतर्गत ग्राम पंचायत लुटमरा के ग्राम पिपरिया चौराहे पर जहां वर्षों से अमर शहीद महान क्रांतिकारी, ऐतिहासिक शहादत देने वाले महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा स्थापना करने के लिये आसपास ग्राम के ग्रामीणजनों व आदिवासी सगा समाज के द्वारा जनसहयोग से चबुतरा का निर्माण किया गया था जहां पर आगामी से समय में प्रतिमा स्थापित भी किया जाना था।
                 

बीते 2 जून 2024 को घंसौर तहसीलदार व पीडब्ल्यूडी विभाग के द्वारा पिपरिया चौराहे पर बने चबुतरा को जेसीबी मशीन से तुड़वा दिया गया था। इसकी जानकारी लगने के बाद आदिवासी समाज में आक्रोश व नाराजगी भी व्याप्त थी।
                    इस संबंध में त्वरित 3 जून को पिपरिया में बैठक ली गई थी एवं विचार मंथन के बाद आदिवासी सगाजनों के द्वारा स्थानीय प्रशासन को सूचना दी गई थी। वहीं आगामी 7 जून 2024 को घंसौर मुख्यालय में इस संबंध में बैठक भी रखी गई थी। इसके बाद आगामी निर्णय को लेकर कार्य योजना बनाई जानी थी। इसी के चलते 7 जून को बैठक संपन्न हुई जिसमें स्थानीय प्रशासन व आदिवासी सगाजनों के मध्य विचार मंथन हुआ। 

सीमांकन के बाद निजी भूमि निकली तो तहसीलदार ने दे पाये जवाब 


ग्राम पिपरिया चौराहे पर महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी के चबूतरा प्रतिमा स्थल को विगत दिनांक 2 जून 2024 को तहसीलदार घंसौर की उपस्थिति में बिना सूचना दिए हटाया गया था।
        इसको लेकर आदिवासी सगाजनों की सामाजिक रूप से बड़ी संख्या बैठक दिन शुक्रवार को गोंडवाना भवन छीतापार में बैठकर निर्णय लिया गया कि पुन: स्थानीय प्रशासन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घंसौर से आग्रह किया गया कि उस स्थान पर पुन: सीमांकन किया जाए।
            इसके आदेश एसडीएम द्वारा दिया गया और सीमांकन हेतु टीम भी बनाई गई। इसके बाद 8 जून को सीमांकन हुआ तो जिस जगह पर चबुतरा बना हुआ था वह जमीन शासकीय नहीं निजी निकली। ऐसी स्थिति पर आदिवासी समाज के सगाजनों ने तहसीलदार से पूछा कि निजी जमीन निकल गई है अब आप क्या करेंगे ओर कहेंगे तो तहसीलदार कोई जवाब नहीं दे पाये। 

शहीदों के सम्मान में हुआ चबुतरा का निर्माण का कार्य प्रांरभ 


सीमांकन की कार्यवाही होने के पश्चात पिपरिया चौराहा पर पूर्व के स्थान पर ही चबुतरा का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है।
         

पिपरिया चौराहा पर जहां पर पूर्व से चबुतरा बना था उसी स्थान पर ही महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी की प्रतिमा स्थापित करने हेतु चबूतरा का निर्माण किया जाने का कार्य प्रारंभ होने से गोंडवाना समाज की आस्था, विश्वास कायम है।
            इसके साथ-साथ भारत की गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिये देश की आजादी के लिये ऐतिहासिक शहादत देने वाले जनजाति समुदाय के गोंडवाना शासनकाल के महाराजा शंकर शाह जी व कुंवर रघुनाथ शाह जी को भी मान-सम्मान बच गया है। 



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