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आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, एकता और गौरव का प्रतीक बन गया

आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, एकता और गौरव का प्रतीक बन गया


केहरपुर/मण्डला। गोंडवाना समय। 

विश्व आदिवासी दिवस का ऐतिहासिक उत्सव ग्राम केहरपुर आयोजित किया गया। मंडला जिले की ग्राम पंचायत केहरपुर में विश्व आदिवासी दिवस का आयोजन एक ऐतिहासिक और यादगार उत्सव के रूप में मनाया गया। इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, एकता और गौरव का प्रतीक बन गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम

ग्राम के हर चौराहे पर सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। ढोल-मांदल की थाप और पारंपरिक गीतों की धुन पर आदिवासी युवाओं और महिलाओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प और कलाकृतियों की प्रदर्शनी ने भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।

जन संबोधन 

मोहनटोला में आयोजित जन संबोधन कार्यक्रम में सरपंच सतवंत उलारी और अन्य वरिष्ठ जनों ने सभी को संबोधित किया। सरपंच ने आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और उनकी अद्वितीय जीवनशैली पर प्रकाश डाला और ग्राम के विकास और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति 

कार्यक्रम में सरपंच सतवंत उलारी, समिति अध्यक्ष जितेंद्र कुमार भलावी, उपाध्यक्ष प्रकाश परते, और वरिष्ठ समाजसेवियों में सुकेश उइके, पंचम कुडापे, शिवलाल उईके, रवि धुर्वे, राजा, और ओमकार तिलगाम उपस्थित रहे। इन सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और आदिवासी समाज के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दशार्या।

संकल्प 

कार्यक्रम में सभी ने आदिवासी समाज की एकता और गौरव को बनाए रखने और उनके विकास के लिए काम करने का संकल्प लिया। यह आयोजन आदिवासी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और उनकी संस्कृति और विरासत को सुरक्षित रखने के लिए एक प्रेरणा का स्रोत है।



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